UP Board Result 2026: यूपी बोर्ड परीक्षा को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के बाद परिषद अब 18 मार्च, बुधवार से कॉपियों के मूल्यांकन का काम शुरू करेगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने बोर्ड कॉपियों का मूल्यांकन के लिए कई सख्त नियम लागू करने का निर्देश दिया है। साथ ही मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों की भी कड़ी जांच का निर्देश दिया है। मूल्यांकन कार्य में गलती या लापरवाली साबित होने पर परीक्षकों पर भारी जुर्माना लगेगा और शायद उन्हें बैन भी किया जा सकता है।
बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने राज्य में मूल्यांकन के लिए बनाए गए 249 मूल्यांकन केंद्रों के प्रमुख या प्रिंसिपलों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसमें परीक्षकों और मूल्यांकन केंद्रों को कॉपियों की चेकिंग में गलती या गड़बड़ी मिलने पर मूल्यांकन के लिए मिलने वाले मानदेय में कटौती की चेतावनी दी गई है। साथ ही ऐसे शिक्षकों को तीन साल के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया से बाहर भी किया जा सकता है। बोर्ड ने ये आदेश मूल्यांकन प्रक्रिया को सही और लापरवाही मुक्त रखने के लिए ये सख्त नियम लागू किए गए हैं।
2% गलती पर गुरुजी का 85% मानदेय कटेगा
बोर्ड के आदेश में कहा गया है, "2% तक की गलती होने पर, परीक्षकों को अपने 85% मानदेय से हाथ धोना पड़ेगा। साथ ही, वे तीन साल के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे।" बोर्ड ने अपने निर्देश में कहा है कि जांच के दौरान 1% तक गलती मिलने पर मानदेय का 50% काट लिया जाएगा। वहीं, मानदेय से 25% की कटौती 0.5% तक गड़बड़ी मिलने पर की जा सकती है।
ऑडिटिंग में गलती पर ऑडिटर होंगे जिम्मेदार
मार्क्स कॉलम में ओवरराइटिंग मंजूर नहीं
बोर्ड ने परीक्षकों को मूल्यांकन प्रक्रिया में मार्क्स ध्यान से डालने का भी निर्देश है, क्योंकि मार्क्स कॉलम में ओवरराइटिंग या कटिंग को कंप्यूटराइज्ड सिस्टम स्वीकार नहीं करता है। इससे छात्र का रिजल्ट अधूरा रह सकता है।
विषय के हिसाब से विशेषज्ञ करेंगे मूल्यांकन
इस बार बोर्ड ने विषय के हिसाब से मूल्यांकन की व्यवस्था की है। हाईस्कूल सोशल साइंस और साइंस की आंसर शीट का मूल्यांकन पैनल सिस्टम से किया जाएगा। सोशल साइंस में, इतिहास और पॉलिटिकल साइंस के पहले हिस्से का मूल्यांकन उन विषयों के ग्रेजुएट-ट्रेंड परीक्षक करेंगे। वहीं, इकोनॉमिक्स और भूगोल से जुड़े दूसरे हिस्से को उन विषयों के विशेषज्ञ चेक करेंगे। साइंस के पहले हिस्से का मूल्यांकन BSc-ट्रेंड परीक्षक करेंगे। केमिस्ट्री और बायोलॉजी से जुड़े दूसरे और तीसरे हिस्से का आकलन उन विषयों के विशेषज्ञ करेंगे।