CISCE 12th Topper Marksheet: 12वीं में 4 सब्जेक्ट में 100 में 100 एक में 99, टॉपर शांभवी ने कैसे पाए इतने नंबर?

CISCE 12th Topper Marksheet: जमशेदपूर की शांभवी ने पूरे देश में सबसे ज्यादा अंक लाकर आईएससी टॉपर बन गई हैं। शांभवी ने 12वीं में 5 में से 4 विषयों में पूरे 100 नंबर हासिल किए, जबकि एक विषय में उन्हें 99 नंबर मिले। आइए जानें शांभवी ने 12वीं में सफलता के लिए क्या रणनीति अपनाई

अपडेटेड May 01, 2026 पर 11:47 AM
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सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी तिवारी 12वीं में 100% अंकों के साथ कंट्री टॉपर बनी हैं।

CISCE 12th Topper Marksheet: जमशेदपुर की शांभवी तिवारी ने वो कारनामा किया है, जिसस सिर्फ उनका ही नहीं परिवार और जिले का नाम भी पूरे देश में छा गया है। सीआईएससीई ने आईसीएसई और आईएससी रिजल्ट 2026 की कल घोषणा कर दी है। इसमें 12वीं यानी आईएससी की परीक्षा में झारखंड के जमशेदपुर शहर की शांभवी तिवारी ने टॉप किया है। सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी तिवारी 12वीं में 100% अंकों के साथ कंट्री टॉपर बनी हैं।

शांभवी ने आईएससी में 5 में से 4 विषयों इंग्लिश, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं। सिर्फ एक विषय हिंदी में उनके 100 में से 99 अंक आए हैं। उनकी यह उपलब्धि बताती है सफलता के पीछे का सख्त अनुशासन और कड़ी मेहनत रही है। शांभवी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने स्कूल के शिक्षकों, प्रिंसिपल और स्टाफ को दिया है। उन्होंने लोकल 18 के रिपोर्ट आकाश कुमार को बताया, “अगर मुझे आधी रात में भी कोई डाउट होता था, तो टीचर्स पूरे उत्साह के साथ मेरी मदद करते थे।”

सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी ने बनाया टॉपर

12वीं कक्षा पास कर चुकी शांभवी सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूर रही हैं। उन्होंने नई पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि कि मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखें, शिक्षकों की बातों को ध्यान से सुनें और मन को शांत रखें, सफलता जरूर मिलेगी।

डॉक्टर बन देश की सेवा का है सपना

भविष्य को लेकर उनका इरादा साफ है। वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा एनईईटी की तैयारी कर रही हैं। शांभवी एम्स दिल्ली से पढ़ाई कर एक सफल डॉक्टर बनना चाहती हैं। उनका मानना है कि डॉक्टर बनकर वह लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सकती हैं और देश की सेवा कर सकती हैं।


बचपन से पढ़ाई में अव्वल रहीं शांभवी

शांभवी बचपन से ही पढ़ाई को लेकर बहुत संवेदनशील रही हैं। उनकी मां निभा सिन्हा, जो स्वयं एक शिक्षिका हैं, बताती हैं कि शांभवी बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही है। “वह हमेशा से फर्स्ट आती रही है, कभी किसी चीज के लिए जिद नहीं की।" शांभवी की पढ़ाई के प्रति लगन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह जिस दिन कोई चैप्टर शुरू करती थी, उसे खत्म किए बिना नहीं छोड़ती थी। ऑल इंडिया रेडियो में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव पिता राकेश रमन ने कहा, “हमें उम्मीद थी कि रिजल्ट अच्छा होगा, लेकिन इतना शानदार होगा, यह नहीं सोचा था।” दादी के साथ उनका खास रिश्ता भी उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा है। दादी बताती हैं, “बचपन में वह खूब कहानियां सुनती थी और आज भी जब थक जाती है, तो मेरे पास आकर बैठती है और हम देर तक बातें करते हैं।”

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