First IIT Medical Programme: अभी तक आईआईटी संस्थान सिर्फ इंजीनियरिंग से संबंधित कोर्स कराने के लिए जाने जाते थे। लेकिन अब इनमें मेडिकल की पढ़ाई कराने की तैयारी शुरू हो गई है। इस मामले में पहला कदम इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) खड़गपुर ने पहला कदम बढ़ाया है। संस्थान ने नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) में पोस्टग्रेजुएट डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किया है।
आईआईटी खड़गपुर के इस प्रस्ताव को अगर केंद्र सरकार से मंजूरी मिल जाती है तो वह पीजी मेडिकल प्रोग्राम शुरू करने वाला पहला आईआईटी बन जाएगा। इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर सुमन चक्रवर्ती के मुताबिक, इंस्टिट्यूट ने 31 मार्च की डेडलाइन से पहले ही औपचारिक आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी थी। उन्होंने आगे कहा, "हमने एनएमसी से मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और अब मंत्रालय के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।" हालांकि शिक्षा मंत्रालय ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। लेकिन अंतिम मंजूरी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पास है, क्योंकि इसके लिए इंटर-मिनिस्ट्रियल क्लियरेंस की जरूरत होती है।
आईआईटी खड़गपुर के प्रस्तावित एमडी कार्यक्रम में 20 सीटें होंगी। चक्रवर्ती ने यह भी पुष्टि की है कि आईआईटी खड़गपुर के एमडी कार्यक्रम में शामिल होने वाले छात्रों को पढ़ाने के लिए 20 डॉक्टरों को नियुक्त किया गया है। उन्होंने कोई खास टाइमलाइन नहीं बताई, यह देखते हुए कि एनएमसी का जवाब अगले स्टेप्स तय करेगा। बता दें यह योजना सबसे पहले 23 सितंबर 2025 को इंस्टीट्यूट के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को प्रस्तुत की गई थी।
एमडी पाठ्यक्रम के लिए चुने गए छात्र डॉ. बी सी रॉय मल्टी स्पेशियलिटी मेडिकल रिसर्च सेंटर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में ट्रेनिंग लेंगे। इन छात्रों का प्रवेश नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के जरिए होगा। चक्रवर्ती ने यह भी कहा कि श्यामा प्रसाद हॉस्पिटल को 220 बेड वाले इनपेशेंट फैसिलिटी में बढ़ाया जा रहा है, जो छात्रों, फैकल्टी, स्टाफ और लोकल कम्युनिटी को हेल्थकेयर सर्विस देगा।