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International Linguistics Olympiad 2026: लिंग्विस्टिक ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने झटका सोना, पाणिनी लिंग्विस्टक ओलंपियाड से हुआ था चयन

International Linguistics Olympiad 2026: रोमानिया में हुए इंटरनेशनल लिंग्विस्टिक ओलंपियाड ने भारतीय छात्रों ने एक गोल्ड मेडल सहित 3 पदक अपने नाम किए हैं। इसमें श्रीलक्ष्मी वेंकटरामन ने स्वर्ण पदक जीता। यह ओलंपियाड 40 से ज्यादा देशों के छात्रों के बीच आयोजित किया गया था। आइए जानें

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 11, 2026 पर 10:52 AM
International Linguistics Olympiad 2026: लिंग्विस्टिक ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने झटका सोना, पाणिनी लिंग्विस्टक ओलंपियाड से हुआ था चयन
इस कॉम्पिटिशन में 40 से ज्यादा देशों के स्कूली छात्र हिस्सा लेते हैं।

International Linguistics Olympiad 2026: भारतीय छात्रों ने रोमानिया में हाल ही में संपन्न हुए इंटरनेशनल लिंग्विस्टिक ओलंपियाड में अपने ज्ञान का डंका बजाया है। इस प्रतियोगिता में भारतीय छात्रों ने एक गोल्ट और तीन ब्रॉन्ज मेडल के साथ ही एक ऑनरेबल मेंशन जीता है। इस कॉम्पिटिशन में 40 से ज्यादा देशों के स्कूली छात्र हिस्सा लेते हैं। पारंपरिक ओलंपियाड के उलट, इसमें छात्रों को पहले से लिंग्विस्टिक्स पढ़ने की जरूरत नहीं होती है।

इसके बजाय, पार्टिसिपेंट्स को अनजान भाषाओं पर आधारित प्रॉब्लम दी जाती हैं और उन्हें लॉजिक और रीजनिंग का इस्तेमाल करके पैटर्न ढूंढ़ने होते हैं। आईआईआईटी हैदराबाद के मुताबिक, श्रीलक्ष्मी वेंकटरमन ने गोल्ड मेडल जीता। आरव अनिल राव, निशांत शंकर लक्ष्मणन और अद्वय मिश्रा ने ब्रॉन्ज मेडल जीते। वहीं, सोहम अमित पेडनेकर को एक ऑनरेबल मेंशन मिला।

कैसे चुने गए भारत के छात्र?

भारत इंटरनेशनल लिंग्विस्टिक्स ओलंपियाड में 2009 से हिस्सा ले रहा है। टीम का चयन पाणिनी लिंग्विस्टिक्स ओलंपियाड (PLO) के जरिए होता है, जो राष्ट्रीय चयन प्रतियोगिता के तौर पर काम करता है। पाणिनी लिंग्विस्टिक्स ओलंपियाड के अनुसार, भारत ने अब तक इंटरनेशनल लिंग्विस्टिक्स ओलंपियाड में 37 मेडल जीते हैं। इसमें छह गोल्ड, नौ सिल्वर और 22 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। 2026 में चयन के लिए, पहले राउंड के लिए 525 स्टूडेंट्स ने रजिस्टर किया, जबकि 338 फरवरी में हुए क्वालिफाइंग टेस्ट में शामिल हुए।

अगला चरण पास करने वालों ने 31 मई से 10 जून तक आईआईआईटी हैदराबाद में 10 दिन के रेजिडेंशियल कैंप में हिस्सा लिया। कैंप में लेक्चर, मेंटरिंग सेशन, प्रॉब्लम-सॉल्विंग एक्सरसाइज, मॉक ओलंपियाड और टेस्ट शामिल थे। दूसरे राउंड की परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर फाइनल टीम को चुना गया। चुने गए छात्रों ने रोमानिया जाने से पहले आगे की ट्रेनिंग ली।

स्टूडेंट्स ओलंपियाड से क्या सीखते हैं?

प्रतियोगिता में प्रॉब्लम लॉजिकल थिंकिंग, पैटर्न रिकग्निशन और एनालिटिकल स्किल्स पर फोकस करती हैं। स्टूडेंट्स को ऐसी भाषा का स्ट्रक्चर या ग्रामर समझना पड़ सकता है जिसे उन्होंने पहले कभी नहीं देखा हो।

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