JNU के UG और PG कोर्स में एडमिशन के लिए इन लोगों के बच्चों को मिलेगा 5% का अतिरिक्त कोटा, सारी डिटेल जानिए

JNU Quota Row: दिल्ली में स्थित देश की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने आने वाले एकेडमिक सेशन से सभी अंडरग्रेजुएट (UN) और पोस्टग्रेजुएट (PG) कोर्स में टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के बच्चों के लिए 5% सुपरन्यूमरेरी कोटा देने का फैसला किया है

अपडेटेड Apr 20, 2026 पर 4:15 PM
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JNU के UG और PG कोर्स में एडमिशन के लिए प्रोफेसरों के बच्चों को 5% का अतिरिक्त कोटा मिलेगा

JNU Quota Row: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के बच्चों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण लागू होने को लेकर एक नया विवाद शुरू हो गया है। इस मामले पर जेएनयू टीचर्स एसोसिएशन ने मंगलवार 21 अप्रैल को एक इमरजेंसी बैठक बुलाई है। टीचर्स एसोसिएशन के सचिव अविनाश कुमार ने सोमवार को कहा कि यह फैसला JNU में दाखिले की इच्छा रखने वाले आम छात्रों का हक छीनने जैसा है।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी ने आने वाले एकेडमिक सेशन से सभी अंडरग्रेजुएट (UN) और पोस्टग्रेजुएट (PG) कोर्स में टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के बच्चों के लिए 5% सुपरन्यूमरेरी कोटा मंजूर कर दिया है।

इस प्रस्ताव को 15 अप्रैल को एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मीटिंग के दौरान मंजूरी दी गई। JNU में पहले से ही रेगुलर JNU कर्मचारियों (ग्रुप B, C और D) के बच्चों के लिए 1% से कम का सुपरन्यूमरेरी कोटा लागू था। इस कदम से कोटा उनका बढ़कर 5 प्रतिशत हो जाएगा। अब इसे टीचिंग स्टाफ तक भी बढ़ाया जाएगा।


JNU के नॉन-टीचिंग और टीचिंग रेगुलर कर्मचारियों की तरफ से अपने बच्चों के लिए सुपरन्यूमरेरी कोटा बढ़ाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी। उनका कहना है कि दूसरी सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में पहले से ही अपने बच्चों के लिए 5 से 15 फीसदी के बीच कोटा देने का प्रावधान है।

मौजूदा सीट मैट्रिक्स पर कोई असर नहीं!

यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बताया कि इस कदम से मौजूदा सीट मैट्रिक्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह कोटा मंजूर सीटों के अलावा एक्स्ट्रा सीटें बनाकर लागू किया जाएगा। JNU के एक अधिकारी ने ANI को बताया, "पांच प्रतिशत सुपरन्यूमरेरी कोटा आने वाले एकेडमिक साल से शुरू होगा। इसमें सभी अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स में लागू होगा। अहम बात यह है कि ये सीटें मौजूदा सीटों के अलावा बनाई जा रही हैं, जिससे यह पक्का हो सके कि सामान्य सीट मैट्रिक्स पर कोई असर न पड़े।"

इसलिए, JNU के रेगुलर कर्मचारियों के बच्चों के लिए 5% सुपरन्यूमरेरी कोटा के मामले को देखने के लिए एक कमेटी बनाई गई। कमेटी ने इस मामले पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद सिफारिश की है कि JNU के रेगुलर कर्मचारियों (नॉन-टीचिंग और टीचिंग) के बच्चों को और उन रेगुलर कर्मचारियों के बच्चों को जिनकी नौकरी के दौरान मृत्यु हो गई थी, उन्हें 5% सुपरन्यूमरेरी कोटा दिया जाए।

कमेटी की सिफारिशों को एकेडमिक काउंसिल के सामने रखा गया। फिर उन्हें मंजूरी दे दी गई। इसके बाद, एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने मौजूदा एकेडमिक साल से JNU के रेगुलर कर्मचारियों (नॉन-टीचिंग और टीचिंग) के बच्चों के लिए 5% सुपरन्यूमरेरी कोटा मंजूर करने का फैसला किया।

एडमिशन प्रक्रिया

दिल्ली में स्थित देश की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन क्रमशः CUET-UG और CUET-PG के ज़रिए होते हैं। स्टाफ कोटे के तहत आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को भी निर्धारित सभी मानदंडों को पूरा करना होगा। उन्हें नेशनल लेवल की इंटरेस्ट एग्जाम में पास होना होगा। कटारिया ने आगे कहा, "इस कैटेगरी के सभी उम्मीदवारों को निर्धारित पात्रता मानदंडों और राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में उनके प्रदर्शन के आधार पर ही एडमिशन दिया जाएगा।"

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देश भर के कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में कर्मचारियों के बच्चों के लिए पहले से ही आरक्षण का प्रावधान है। कुछ मामलों में यूनिवर्सिटी कर्मचारियों के बच्चों के लिए भी सीट रिजर्व है। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) जैसे संस्थानों में भी इसी तरह की व्यवस्थाएं लागू हैं। हालांकि, इन कोटों का दायरा और सीमा अलग-अलग संस्थानों में भिन्न हो सकती है।

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