Lakshveer offline AI storytelling device: अगर आप मानते हैं कि बड़ी सोच छोटी उम्र में नहीं आ सकती, तो एक बार फिर सोच लीजिए। 8 की उम्र ऐसा ही पड़ाव है, जिसमें बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, रंग-बिरंगी और बड़ी-बड़ी तस्वीरों वाली किताबों में दिल लगा रहे होते हैं। अगर इस मासूम उम्र में कोई बच्चा कहानियों में जीने और रोज नई कहानी सुनने के लिए एक मुकम्मल तकनीक खड़ी कर दे, तो उसे आप क्या कहेंगे? टेक्नोलॉजी जीनियस! अगर हां, तो ये नाम 8 साल के लक्ष्य पर पूरी तरह से सूट करता है।
