MP Board 10th-12th Result 2026: मध्य प्रदोश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (MPBSE) से शैक्षिक सत्र 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा देने वाले छात्रों का इंतजार खत्म होने के करीब है। मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री मोहन यादव सुबह 11 बजे 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों का रिजल्ट जारी करेंगे। सीएम यादव रिजल्ट घोषित करने के साथ ही दोनों कक्षाओं में टॉप करने वाले राज्य के छात्रों के नामों की भी घोषणा करेंगे। रिजल्ट जारी होने से जहां ढेरों छात्र खुशियां मनाएंगे, वहीं कुछ ऐसे छात्र भी होंगे, जिन्हें मायूसी हाथ लगेगी। इन्हें मेहनत के बावजूद वो फल नहीं मिलेगा, जिसके वे हकदार होंगे। हालांकि, एमपी बोर्ड का कहना है कि उसके किसी छात्र को मायूस होने की जरूरत नहीं है। एमपी बोर्ड फेल होने वाले या कम नंबर पाने वाले सभी छात्रों को सुधार का एक दमदार मौका मुहैया कराएगा। आइए जानें कैसे
इन छात्रों को मिलेगा दूसरे मौके का लाभ
एमपी बोर्ड ने काफी समय से चल रही सप्लिमेंट्री परीक्षा की व्यवस्था तो खत्म कर दी है। लेकिन छात्रों के लिए दूसरा मौका खत्म नहीं हुआ है। सीबीएसई बोर्ड की तर्ज पर एमपी बोर्ड ने ‘द्वितीय परीक्षा’ शुरू कर दी है। इसमें फेल और पास दोनों तरह के छात्र शामिल हो सकते हैं। यानी छात्र सिर्फ फेल विषयों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अंक सुधारने के लिए भी किसी विषय में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। यह परीक्षा 7 मई 2026 से शुरू होगी। नए नियमों के अनुसार जो छात्र किसी विषय में फेल हैं, उनके लिए उस विषय की परीक्षा देना अनिवार्य होगा। वहीं, जो छात्र पास हैं, वे भी अपने अंक सुधारने के लिए अपनी मर्जी से किसी भी विषय में शामिल हो सकते हैं।
दोनों में से किसके नंबर माने जाएंगे बेस्ट?
एमपी बोर्ड ने छात्रों की सहूलियत के लिए ‘बेस्ट ऑफ टू’ का फॉर्मूला अपनाया है। इसका मतलब यह है कि यदि कोई छात्र फरवरी की परीक्षा में पास है, लेकिन अपने नंबर बढ़ाना चाहता है, तो वह मई की परीक्षा में फिर से बैठ सकता है। जिस विषय की परीक्षा छात्र दोबारा देगा, उसमें फरवरी और मई में से जिसमें ज्यादा नंबर आएंगे, उसे ही अंतिम मार्कशीट में जोड़ा जाएगा। यानी अगर मई की परीक्षा में नंबर कम भी हो जाते हैं, तो भी छात्र का नुकसान नहीं होगा, उसके फरवरी वाले ज्यादा नंबर ही मान्य रहेंगे।
एमपी बोर्ड उन छात्रों की मार्कशीट अभी नहीं मिलेगी, जो 7 मई से होने वाली दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। सेकेंड चांस परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र मूल अंक सूची जारी होने तक डिजिलॉकर के माध्यम से अपनी अंक सूची की प्रमाणित प्रति प्राप्त कर सकते हैं।
रीचेकिंग का भी उठा सकेंगे लाभ
एमपी बोर्ड परिणाम 2026 की घोषणा के बाद 10वीं-12वीं के जो छात्र अपने अंकों से असंतुष्ट होंगे, वे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए छात्रों एक आवेदन पत्र भरना होगा और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के बाद, संशोधित अंकों को अंतिम माना जाएगा। पुनर्मूल्यांकन परिणाम मई 2026 में घोषित किया जाता है।