NCERT दिल्ली के कक्षा 3 के छात्रों की समझ को परखने की कर रहा तैयारी, स्कूलों को भेजा फॉर्मेट

NCERT दिल्ली में कक्षा 3 के छात्रों की सामान्य समझ की परख करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एनसीईआरटी ने सैंपल असेसमेंट टास्क स्कूलों के साथ साझा किए हैं। संस्थान ने शिक्षकों और छात्रों को असेसमेंट फॉर्मेट और प्रक्रिया से परिचित कराने के लिए यह कार्य हिंदी और अंग्रेजी में भेजे हैं

अपडेटेड Jan 03, 2026 पर 5:13 PM
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एनसीईआरटी ने सैंपल असेसमेंट टास्क स्कूलों के साथ साझा किए हैं।

नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) शैक्षिक वर्ष 2025-26 में कक्षा 3 में पढ़ रहे छात्रों की सामान्य समझ के आकलन की तैयारी कर रहा है। यह आकलन दिल्ली के स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों का किया जाएगा। काउंसिल की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि छात्रों की सीखने की सामान्य समझ को मजबूत बनाने के मकसद से, मौजूदा एकेडमिक साल में छात्रों के लिए एक फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी (FLS) की जाएगी।

दिल्ली स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) के अनुसार, यह स्टडी फरवरी-मार्च 2026 के दौरान चुने हुए, सैंपल स्कूलों में होने की उम्मीद है। हिस्सा लेने वाले स्कूलों की लिस्ट पहले ही शेयर कर दी जाएगी। बयान में कहा गया है कि एफएलएस यह समझने के लिए तैयार किया गया है कि स्कूलिंग के शुरुआती चरण के पूरा होने तक छात्र बेसिक पढ़ने, लिखने और गिनती के स्किल्स को कितनी अच्छी तरह सीखते हैं। बयान के मुताबिक यह एससीईआरटी और एनसीईआरटी की सामूहिक पहल है।

2026 की शुरुआत में होगा अध्ययन

दिल्ली एससीईआरटी के मुताबिक, छात्रों का आकलन फरवरी-मार्च 2026 में होना तय है। एफएलएस को दिल्ली के चुने हुए सैंपल स्कूलों में किया जाएगा। इसमें शामिल होने वाले संस्थानों की लिस्ट काफी पहले शेयर कर दी जाएगी।

पढ़ने, लिखने और गणित पर फोकस

एफएलएस को छात्रों की बेसिक काबिलियत का अनुमान लगाने के लिए एक सिस्टम-लेवल एक्सरसाइज के तौर पर तैयार किया गया है। इसके जरिए यह देखा जाएगा कि कक्षा 3 के खत्म होने तक छात्र कितनी अच्छी तरह समझकर पढ़ सकते हैं, अपनी बात लिखकर समझा सकते हैं, और गणित के सामान्य सूत्र का इस्तेमाल कर सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि इसके नतीजे सीखने में कमियों को जल्दी पहचानने और क्लासरूम में टारगेटेड इंटरवेंशन में मदद करेंगे।


तैयारी के लिए टीचरों को दिए सैंपल टास्क

तैयारी की प्रक्रिया के हिस्से के तौर पर, एनसीईआरटी ने टीचर्स और छात्रों को एक्टिविटी के फॉर्मेट और प्रकार से परिचित कराने के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों में सैंपल असेसमेंट टास्क सर्कुलेट किए हैं।

स्कूल प्रमुखों और प्रिंसिपल यह सुनिश्चित करेंगे कि कक्षा 3 के शिक्षक इन सैंपल टास्क का अभ्यास कराने में छात्रों को एक्टिव रूप से शामिल करें। स्कूलों को आत्मविश्वास बढ़ाने और बेसिक स्किल्स को मजबूत करने के लिए इसी तरह के कई तरह के प्रैक्टिस सवालों का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है।

एनसीईआरटी ने साफ किया कि एफएलएस कोई परीक्षा या टेस्ट नहीं है। इसमें छात्रों की ग्रेडिंग, रैंकिंग या सर्टिफिकेशन शामिल नहीं है। न ही इसका मकसद स्कूलों का मूल्यांकन या रेटिंग करना है। इस अध्ययन का मकसद काउंसिल को ऐसी जानकारी देना है जो पॉलिसी के फैसलों, क्लासरूम के तरीकों और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुसार बेसिक शिक्षा को मजबूत करने में मदद कर सके।

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