NEET-PG 2025 की परीक्षा अब एक शिफ्ट में ही होगी, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

NEET PG 2025 Exam: सुप्रीम कोर्ट ने नीट-पीजी 2025 परीक्षा दो पालियों की बजाय एक ही पाली में आयोजित करने का निर्देश दिया है। इसी के साथ शीर्ष अदालत ने अधिकारियों को एक पाली में परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो पालियों में परीक्षा आयोजित करने से मनमानी होगी

अपडेटेड May 30, 2025 पर 1:46 PM
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NEET PG 2025 Exam: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो शिफ्ट के क्वेश्चन पेपर कभी भी एक जैसे डिफिकल्टी लेवल के नहीं हो सकती

NEET PG 2025 Exam: करीब 2.5 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवारों को प्रभावित करने वाले एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (30 मई) को अधिकारियों को NEET PG 2025 परीक्षा को एक ही शिफ्ट में आयोजित करने का निर्देश दिया। आदेश में कहा गया है कि मौजूदा दो शिफ्ट वाला मॉडल मनमानी पैदा करता है। उम्मीदवारों को समान अवसर नहीं देता है। इसी के साथ शीर्ष अदालत ने नीट-पीजी 2025 परीक्षा दो पालियों की बजाय एक पाली में आयोजित करने का निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने अधिकारियों को एक पाली में परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो पालियों में परीक्षा आयोजित करने से मनमानी होगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि कभी भी दो क्वेश्चन पेपर को एक समान कठिन या आसान नहीं कहा जा सकता।

कोर्ट ने कहा कि हम नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) की इस दलील को नहीं स्वीकार कर सकते कि एक शिफ्ट में परीक्षा कराने के लिए पर्याप्त सेंटर नहीं मिलेंगे। बता दें कि 15 जून को नीट-पीजी परीक्षा 2025 होनी है।


जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस एन.के. अंजारिया की पीठ ने NEET-PG 2025 परीक्षा को दो शिफ्ट में आयोजित करने के राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।

कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि रेडियोलॉजी या गायनोकोलॉजी जैसे स्ट्रीम आवंटन केवल अंकों पर निर्भर करते हैं। एक अंक का अंतर भी छात्र की भविष्य की संभावनाओं और विश्वविद्यालय प्लेसमेंट को प्रभावित कर सकता है। जब एग्जाम बॉडी ने जोर देकर कहा कि ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट और सुरक्षित केंद्रों जैसे बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है, तो कोर्ट ने कहा कि देश भर में तकनीकी प्रगति ने एक शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करना संभव बना दिया है। जज ने कहा, "हम यह स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं कि परीक्षा निकाय पर्याप्त सेंटर नहीं ढूंढ सका।"

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बेंच ने यह भी बताया कि धांधली की चिंता ऑनलाइन दो-शिफ्ट परीक्षाओं का एकमात्र औचित्य नहीं हो सकती। सरकार द्वारा उठाए गए समयसीमा के मुद्दे पर कोर्ट ने कहा, "ऐसी धमकियां न दें कि पूरा साल बर्बाद हो जाएगा।" अदालत ने अधिकारियों को अगले दो सप्ताह के भीतर अतिरिक्त केंद्रों की पहचान करने का निर्देश दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि 15 जून, 2025 की परीक्षा एक ही शिफ्ट में आयोजित की जा सके।

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