NEET UG 2026 Re-exam Controversy: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) स्नातक (UG) 2026 की पुन: परीक्षा की तैयारियों में लगी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के सामने पेपर लीक का जिन्न फिर से सिर उठाने लगा है। एजेंसी को सोशल मीडिया पर आगामी परीक्षा के पेपर बिकने की सूचनाएं आए दिन मिल रही हैं। बता दें, 03 मई को हुई नीट यूजी 2026 को पेपर लीक का खुलासा होने के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद, एनटीए ने ये परीक्षा दोबारा कराने के लिए 21 जून, 2026 की तारीख तय की है।
इस परीक्षा से पहले ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को सोशल मीडिया पर पेपर लीक, पेपर की खरीद-फरोख्त की सूचनाएं मिल रही हैं। इनमें से एक मामला प्रिंस श्रीवास्तव नाम के यूजर का है, जिसे एजेंसी ने जवाब भी दिया है। इस यूजर ने अपने एक्स हैंडल पर नीट यूजी री-एग्जाम का प्रश्न पत्र लीक के बारे में शिकायत की है। यूजर ने टेलीग्राम पेज के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं और एनटीए को टैग करते हुए लिखा था, 'मेरे पास कुछ टेलीग्राम पेज हैं, जिन्हें एक ही व्यक्ति मैनेज करता है। वे री नीट 2026 के प्रश्न पत्रों के लिंक बेच रहे हैं। कृपया इस पर उचित कार्रवाई करें।' यूजर ने पोस्ट में तीन टेलीग्राम लिंक भी शेयर किए हैं।
नीट यूजी रीएग्जाम 21 जून को होगा। इससे पहले टेलिग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया चैनलों पर परीक्षा में आने वाले पेपर दिलाने के साथ-साथ 700 में से 620 अंक दिलाने के दावे किए जा रहे हैं। इसके बदले में छात्रों से 20 लाख रुपये तक की मांग की जा रही है। कथित रैकेट कई टेलिग्राम चैनल्स के जरिए चल रहे हैं, जो बार-बार अपना नाम बदलते हैं और सदस्यों को सिर्फ रेफरल के जरिए जोड़ा जा रहा है।
एक्टिविस्ट शुभम ठाकर से किया असली पेपर लीक का दावा
एक कथित ऑपरेटर ने अहमदाबाद के एक्टिविस्ट शुभम ठाकर से असली पेपर लीक का दावा किया। कथित ऑपरेटर ने खुद को दिल्ली में एक प्रमुख कोचिंग सेंटर का फैकल्टी बताया। ठाकर ने कहा, 'उस शख्स ने दावा किया कि उसके नेटवर्क ने आधा प्रश्न पत्र 35 लाख में खरीदा है और शेष प्रश्न परीक्षा की तारीख नजदीक आने पर मिलेंगे। उसने दावा किया कि नेटवर्क को प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। उसने कैंडिडेट्स से QR कोड के जरिए पैसे देने की मांग की।' साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराते हुए ठाकर ने ऑपरेटरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि चैनल री-नीट परीक्षा का पेपर लीक होने का दावा करके छात्रों को गुमराह कर रहे हैं और उम्मीदवारों से मोटी रकम वसूल रहे हैं।
प्रिंस श्रीवास्तव मामले में एनटीए ने एक्स पर ही जांच और कार्रवाई के लिए मामला साइबर क्राइम को सौंपने की जानकारी दी है। एक्टिविस्ट शुभम ठाकर के दावों पर अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अहमदाबाद क्राइम पुलिस को एक आवेदन देकर जांच की मांग की गई है कि क्या इन टेलिग्राम चैनल्स के पास सचमुछ ऐसी कुछ सामग्री है या फिर ये सिर्फ नीट छात्रों और अभिभावकों को ठगने की कोशिश।
इन चैनल्स में री-नीट के प्रश्न पत्र दिलाने के लिए 60 हजार से 1 लाख रुपये तक की मांग की जा रही है। कुछ ग्रुप में 700 में से 620 से अधिक नंबर दिलाने के लिए 20 लाख रुपये की मांग की जा रही है। एक अन्य मामले में छात्रों से परीक्षा वाले दिन ओएमआर शीट को पूरा खाली छोड़ने का निर्देश दिया जा रहा है। ऑपरेटर का दावा है कि प्रमुख एजेंसियों के साथ उनकी सेटिंग है और वे सुनिश्चित करेंगे कि ऐसा करने वाले उम्मीदवारों की ओएमआर शीट में सही जवाब भरे जाएं और उन्हें 620 या उससे ज्यादा नंबर मिलें। इसके लिए 20 लाख रुपये की मांग की गई है।
जांच के दायरे में 9 चैनल, एक ने किया 5.74 करोड़ रुपये जुटाने का दावा
अहमदाबाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 9 चैनल जांच के दायरे में हैं। एक चैनल ने 7900 लोगों से 5.74 करोड़ रुपये जुटाने का दावा किया है। एसीपी (साइबर क्राइम) हार्दिक मकादिया के मुताबिक 'हमें पता चला है कि पैसों के बदले नीट पेपर दिलाने का दावा करने वाले तत्व सामने आ रहे हैं। लोगों को पहले से ही चेतावनी दी जाती है कि ये लोग धोखेबाज हैं। लोगों को घबराना नहीं चाहिए और इनसे दूर रहना चाहिए।'