NEET-UG re-exam 2026: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) स्नातक (UG) 2026 की पिछली परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद इस बार सरकार और प्रशासन पूरी सतर्कता और एहतियात बरत रहे हैं। ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए प्राइवेट एजेंसियों की जगह तीन-टियर सुरक्षा व्यवस्था अपनाई जा रही है। इसका मकसद परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी को रोकना और पारदर्शिता पक्का करना है। 21 जून को होने वाले नीट यूजी री-एग्जाम से पहले, केंद्र सरकार भारतीय वायुसेना और भारतीय डाक विभाग की सेवाएं लेने की तैयारी की है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 री-एग्जाम 21 जून 2026 को कराने की घोषणा की है। इससे पहले 03 मई 2026 को नीट यूजी 2026 परीक्षा का आयोजन किया गया था। लेकिन परीक्षा के बाद पेपर लीक के आरोपों के बाद सरकार ने इस परीक्षा को रद्द कर दिया था। 21 जून को होने वाले री-एग्जामें किसी भी तरह स्तर पर हर तरह की गड़बड़ी की आशंका को पूरी तरह समाप्त करने के लिए तीन चरणों की सुरक्षा व्यवस्था अपनाई जा रही है।
वायुसेना के Mi-17 हेलीकॉप्टर पहुंचाएंगे पेपर
इसी क्रम में सरकार ने देश भर में 18 क्षेत्रीय केंद्रों पर प्रश्न पत्र पहुंचाने की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना को सौंपने का फैसला किया है। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना इस काम के लिए Mi-17 हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल कर सकती है। इसके अलावा क्षेत्रीय केंद्रों से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्न पत्र सुरक्षित डिलिवर करने की जिम्मेदारी इस बार निजी एजेंसियां नहीं भारतीय डाक विभाग निभाएगा।
एग्जाम पेपर्स के लिए थ्री-टियर सिक्योरिटी सिस्टम
अधिकारियों ने कहा कि इस व्यवस्था का मकसद पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी लीकेज या गड़बड़ी को रोकना है।
पूरे देश में 552 शहरों में होगी परीक्षा
नीट यूजी परीक्षा भारत में लगभग 552 शहरों के अलावा 14 इंटरनेशनल लोकेशन पर आयोजित की जाती है। 21 जून को होने वाला री-एग्जाम अब तक बताई गई सिक्योरिटी गाइडलाइंस के हिसाब से सख्ती से होगा।
रक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया फैसला
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक बुलाई थी, जिसमें नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तैयारी पर चर्चा हुई थी। इस बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल हुए थे।