NTA New Rules For NEET UG Exam: नीट यूजी 2026 परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए बड़ा अपडेट है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) स्नातक (UG) में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत संसद की स्थायी समिति के सामने एनटीए ने इसके संकेत दिए हैं। इसके मुताबिक आने वाले समय में नीट परीक्षा में उम्र सीमा और प्रयासों की संख्या यानी अटेम्प्ट लिमिट का नियम लागू किया जा सकता है। इसका मतलब यह होगा कि छात्र अब तय उम्र तक और सीमित अटेम्पट तक ही मेडिकल प्रवेश परीक्षा दे सकेंगे।
नीट पहली बार तय करेगा प्रयासों की संख्या
एनटीए के सुझाव के अनुसार, नीट यूजी परीक्षा में पहली बार प्रयासों की संख्या सीमित की जा सकती है। अभी प्रयासों की संख्या तय नहीं है और छात्र जितनी बार चाहें, परीक्षा दे सकते हैं। लेकिन अब इस व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी की जा रही है।
नीट यूजी परीक्षार्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा
फिलहाल नीट यूजी में सिर्फ न्यूनतम आयु 17 वर्ष तय है। अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं है। लेकिन अब एनटीए अधिकतम आयु सीमा तय करने पर भी विचार कर रही है। इससे एक निश्चित उम्र के बाद छात्र नीट परीक्षा नहीं दे पाएंगे।
इतना ही नहीं, नीट यूजी परीक्षा अगले साल से सीबीटी मोड में कराई जाएगी और मल्टी स्टेज परीक्षा जैसे विकल्प पर भी एनटीए विचार कर रहा है। एनटीए ने संसदीय समिति को बताया कि आने वाले समय में नीट यूजी परीक्षा में कई बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। ये बदलाव इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों के आधार पर किए जाएंगे।
पेपर लीक विवाद के बाद शुरू हुए बड़े बदलाव
नीट यूजी 2026 परीक्षा पूरे देश में विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 3 मई को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे। लेकिन, बाद में इस परीक्षा में पेपर लीक का खुलासा होने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी। इसे लेकर देशभर में काफी विवाद हुआ। इसी बीच शिक्षा से जुड़ी संसदीय समिति ने एनटीए अधिकारियों को बुलाकर परीक्षा प्रणाली पर कई सवाल पूछे। बैठक में एजेंसी ने कहा कि उसके सिस्टम से पेपर लीक नहीं हुआ था, लेकिन कुछ सवाल परीक्षा से पहले सर्कुलेट हो रहे थे। एजेंसी ने बताया कि गड़बड़ियों को देखते हुए छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है।