PMRC Scheme 2026: सरकार देगी वैज्ञानिकों को रिसर्च करने के लिए 5 करोड़ रुपये, शिक्षा मंत्रालय ने बढ़ाई पीएमआरसी स्कीम में आवेदन की लास्ट डेट

PMRC Scheme 2026: भारत सरकार वैज्ञानिकों को अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करने की योजना के तहत 5 करोड़ रुपये देगी। यह राशि पीएमआरसी योजना के तहत रिसर्च करने वाले उम्मीदवारों को दी जाएगी। शिक्षा मंत्रालय ने इस स्कीम में आवेदन करने की लास्ट डेट बढ़ा दी है

अपडेटेड Jul 24, 2026 पर 1:55 PM
इच्छुक उम्मीदवार अब 15 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

PMRC Scheme 2026: भारतीय वैज्ञानिकों को रिसर्च, अध्ययन या तकनीकी विशेषज्ञों के लिए भारत सरकार से एक अच्छी खबर आ रही है। प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर स्कीम (PMRC) स्कीम 2026 के तहत चुने गए शोधकर्ताओं को फेलोशिप, करोड़ों रुपये की रिसर्च ग्रांट और भारत के प्रमुख संस्थानों में हाई-इम्पैक्ट रिसर्च करने का अवसर प्रदान किया जाता है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार इस स्कीम के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। इच्छुक उम्मीदवार अब 15 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

पीएमआरसी स्कीम 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जून 2026 से शुरू हुई थी। आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 कर दिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा योग्य भारतीय मूल के शोधकर्ताओं को आवेदन का मौका मिलेगा।

पीएमआरसी का मकसद रिसर्च और इनोवेशन को मिले पंख


प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) स्कीम का मकसद भारत में रिसर्च और इनोवेशन को पंख देना है। इसके तहत दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों, रिसर्च लैब और उद्योगों में काम कर रहे भारतीय मूल के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को भारत बुलाकर यहां के प्रमुख शिक्षण संस्थानों और राष्ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाओं में शोध कार्य करने का अवसर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे विदेशों में काम कर रहे भारतीय विशेषज्ञों के अनुभव और ज्ञान का लाभ देश को मिलेगा।

तीन श्रेणी में होगा चयन

पीएचडी के बाद विदेश में हासिल अनुभव के आधार पर उम्मीदवारों को तीन श्रेणियों में रखा जाएगा।

यंग रिसर्च फेलो (YRF): इस श्रेणी में वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिनके पास पीएचडी के बाद 5 वर्ष तक का अनुभव है।

सीनियर फेलो (SF): इस वर्ग में 5 से 10 वर्ष का अनुभव रखने वाले शोधकर्ता शामिल होंगे।

रिसर्च चेयर (RC): जिन उम्मीदवारों के पास 10 वर्ष या उससे अधिक का अनुभव है वे रिसर्च चेयर श्रेणी में आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा उम्मीदवारों के पास शोध प्रकाशन, पेटेंट, अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार, सिटेशन और अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियों का मजबूत रिकॉर्ड होना जरूरी है।

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

उम्मीदवारों को आधिकारिक पीएमआरसी पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज जमा करने होंगे।

  • बायोडाटा
  • सभी शोध प्रकाशनों का विवरण
  • पेटेंट और पुरस्कारों की जानकारी
  • नागरिकता, वीजा या निवास संबंधी दस्तावेज
  • शोध उपलब्धियों के प्रमाण
  • पसंदीदा होस्ट संस्थान का नाम और उसे चुनने का कारण

सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य दुनिया भर में काम कर रहे भारतीय मूल के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को भारत में शोध के लिए आकर्षित करना और देश के अनुसंधान एवं नवाचार तंत्र को और मजबूत बनाना है।

 

कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?

सरकार चयनित उम्मीदवारों को फेलोशिप के साथ रिसर्च के लिए बड़ी आर्थिक सहायता भी देगी। यंग रिसर्च फेलो को सालाना फेलोशिप 0.15 से 0.20 करोड़ रुपये,एकमुश्त रिसर्च ग्रांट 1 से 1.5 करोड़ रुपये और सालाना आवास एवं चिकित्सा सहायता 0.05 करोड़ रुपये मिलेंगे।

सीनियर फेलो

सालाना फेलोशिप : 0.20 से 0.40 करोड़ रुपये

रिसर्च ग्रांट : 1.5 से 2.5 करोड़ रुपये

आवास एवं चिकित्सा सहायता : 0.09 करोड़ रुपये प्रति वर्ष

स्थानांतरण सहायता : 0.40 करोड़ रुपये

संस्थागत ओवरहेड : 0.30 करोड़ रुपये प्रति वर्ष

रिसर्च चेयर

सालाना फेलोशिप : 0.40 से 0.60 करोड़ रुपये

एकमुश्त रिसर्च ग्रांट : 3 से 5 करोड़ रुपये

आवास एवं चिकित्सा सहायता : 0.15 करोड़ रुपये प्रति वर्ष

स्थानांतरण सहायता : 0.50 करोड़ रुपये

संस्थागत ओवरहेड : 1 करोड़ रुपये प्रति वर्ष

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