Rajasthan Board 2026: राजस्थान बोर्ड सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) के 10वीं और 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा परिणाम मार्च में घोषित किए जा चुके हैं। राजस्थान बोर्ड से 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम से करने वाला एक छात्र इस समय पूरे राज्य के लिए प्रेरणा स्रोत बन कर उभरा है। इस छात्र ने सभी विषयों में पूरे नंबर हासिल कर राज्य में सर्वाधिक स्कोर प्राप्त किया है। इस छात्र का नाम है भागीरथ सिंह। उनकी सफलता पूरे राज्य के लिए मिसाल मानी जा रही है।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं विज्ञान संकाय (दिव्यांग श्रेणी) के परिणाम 31 मार्च को घोषित किए थे। इसमें बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ तहसील के पुन्दलसर निवासी भागीरथ सिंह ने वो कारनामा कर दिखाया है, जिसने प्रदेश में इतिहास रच दिया है। भारती निकेतन स्कूल के छात्र भागीरथ ने 500 में से 500 यानी 100% अंक हासिल किए हैं। सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि भागीरथ के दोनों हाथ मुड़े हुए हैं। उन्होंने दिव्यांग श्रेणी से पंजीकरण कराया था और अपनी मेहनत और लगन से असंभव को संभव कर दिखाया।
रामनारायण सिंह के बेटे भागीरथ सिंह की यह उपलब्धि असाधारण है। यह सच है कि बोर्ड परीक्षा में दिव्यांग छात्रों को पेपर पूरा करने के लिए 60 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाता है। लेकिन भागीरथ ने विज्ञान जैसे कठिन विषय में सटीकता के साथ पूरे अंक प्राप्त कर यह जताया है कि बड़ी से बड़ी मुश्किल मेहनत और लगन के आगे घुटने टेक देती है।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने किया सम्मानित
भागीरथ की ऐतिहासिक सफलता की गूंज पूरे प्रदेश में ही नहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कानों तक भी पहुंची। उन्होंने खुद भागीरथ को अपने जयपुर स्थित राजकीय आवास पर आमंत्रित किया। मंत्री दिलावर ने भागीरथ का स्वागत किया। साथ ही भागीरथ के आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम की सराहना की। शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि 12वीं के बाद भागीरथ की आगे की शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। मदन दिलावर ने कहा, "दिव्यांगता को अपनी कमजोरी न समझें, हिम्मत दिखाएं, आप दुनिया में सब कुछ कर सकते हैं। भागीरथ का अदम्य साहस पूरे राजस्थान के लिए गौरव है।"
बोर्ड सूत्रों के अनुसार, आरबीएसई के इतिहास में यह दूसरी बार है जब किसी छात्र ने विज्ञान संकाय में 100% अंक अर्जित किए हों, वह भी विशेष योग्यजन श्रेणी में। भागीरथ की उत्तर पुस्तिकाओं को आदर्श (Model Answer Sheet) के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अन्य छात्र भी सीख ले सकें।