भारत प्रतिभा की खान है। ये बाद मध्य प्रदेश के तीन किशोरों ने अपनी नई खोज से फिर साबित कर दी है। इंदौर के ध्रुव चौधरी, मिथ्रन लधानिया और मृदुल जैन ने फार्मेसी के क्षेत्र में काम करने वाले अपने माता-पिता को वैक्सीन के रखरखाव से जूझते देखा। बिजली की कमी और मौसम की मार के बीच वैक्सीन को ठंडा रखना किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन इन किशोरों ने हार नहीं मानी और इस समस्या का ऐसा हल खोजा जिसने न सिर्फ उन्हें अंतररष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया, बल्कि 12,500 डॉलर की पुरस्कार राशि भी जीतने का मौका दिया।
