UP Board 2026 Results: यूपी बोर्ड से शैक्षिक सत्र 2025-26 में हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा दे रहे छात्रों के लिए ये अहम जानकारी है। बोर्ड परीक्षा अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। इसके साथ ही यूपी बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए व्यवस्था करनी शुरू कर दी है। पूरे राज्य में मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं और कॉपियों की जांच के लिए परीक्षकों की तैनाती सहित सुरक्षा इंतजाम भी किए जा रहे हैं। इसके अलावा बोर्ड ने कॉपियों की जांच करने वाले शिक्षकों को कई सख्त निर्देश भी जारी किए हैं। इनमें से एक है अंग्रेजी माध्यम की कॉपियों को अंग्रेजी के जानकार शिक्षकों से चेक कराने की व्यवस्था करने का भी है।
यूपी बोर्ड परीक्षाओं की आंसर शीट्स के मूल्यांकन को लेकर नया निर्देश जारी किया गया है। मूल्यांकन की गुणवत्ता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिस माध्यम में छात्रों ने उत्तर लिखे हैं, उनका मूल्यांकन भी उसी माध्यम के शिक्षकों से कराया जाएगा। खास तौर पर अंग्रेजी माध्यम में लिखी गई आंसर शीट्स के लिए अलग व्यवस्था की गई है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। अंग्रेजी माध्यम की कॉपियां केवल अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने वाले परीक्षक ही जांचें, ताकि छात्रों को सही अंक मिल सकें।
इस वर्ष बड़ी संख्या में छात्रों ने अंग्रेजी माध्यम में परीक्षा दी है। हाईस्कूल में लगभग 1,39,049 छात्रों ने अंग्रेजी माध्यम से परीक्षा दी, जबकि इंटरमीडिएट में 1,19,185 छात्र-छात्राओं ने अंग्रेजी माध्यम में आंसर शीट्स लिखीं। अंग्रेजी माध्यम वाली इन कॉपियों के अलग-अलग बंडल तैयार किए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि इन कॉपियों को हिंदी माध्यम के शिक्षकों से न जांचा जाए।
अलग रखी जाएंगी अंग्रेजी माध्यम की आंसर शीट
मूल्यांकन केंद्रों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि अंग्रेजी माध्यम की आंसर शीट्स को अलग रखा जाए। अगर किसी सामान्य बंडल में गलती से अंग्रेजी माध्यम की कॉपी मिलती है, तो उसे तुरंत अलग कर दिया जाए। ऐसी कॉपियों की जांच केवल अंग्रेजी माध्यम के योग्य परीक्षक ही करेंगे। अगर किसी केंद्र पर अंग्रेजी विषय के परीक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो जिला विद्यालय निरीक्षक अन्य केंद्रों या अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों से योग्य शिक्षकों की नियुक्ति कर सकते हैं।
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि अगर मूल्यांकन में किसी प्रकार की गलती पाई जाती है, तो संबंधित परीक्षक और उप प्रधान परीक्षक (डीएचई) जिम्मेदार माने जाएंगे। इसके अलावा, मूल्यांकन कार्य के दौरान अनुपस्थित परीक्षकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।