UP Board Exam 2026: पिछली बोर्ड परीक्षाओं में गड़बड़ी वाले इन 18 जिलों पर एसटीएफ की निगरानी में होगी परीक्षा, इन्हें घोषित किया संवेदनशील

UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होंगी। बोर्ड इन परीक्षाओं को पूरी तरह से नकलविहीन बनाने के लिए कमर कस चुका है। पिछले साल बोर्ड परीक्षाओं में जिन 18 परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी हुई थी, उन्हें संवेदनशील घोषित किया जा चुका है और यहां एसटीएफ की निगरानी में परीक्षा होगी

अपडेटेड Jan 21, 2026 पर 7:51 PM
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प्रशासन ने पिछले साल गड़बड़ी वाले 18 जिलों को संवेदनशील घोषित करने का प्रस्ताव दिया है।

UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) से शैक्षिक सत्र 2025-26 में हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) कक्षा की परीक्षाएं 18 फरवरी से आयोजित होनी हैं। इन परीक्षा के लिए राज्य के लाखों छात्र अंतिम तैयारी करने में जी-जान से जुटे हुए हैं। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 24 जनवरी से शुरू होने वाली हैं। इससे पहले प्रशासन ने पिछले साल गड़बड़ी वाले 18 जिलों को सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील घोषित करने का प्रस्ताव दिया है। यहां परीक्षाएं स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की निगरानी में होंगी। बोर्ड दोनों कक्षाओं की परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए हर मुमकिन प्रयास कर रहा है। परिषद नकल रोकने के लिए कई तरह के इंतजाम किए हैं। इसमें सजा का प्रावधान भी शामिल है। बोर्ड परीक्षा में नकल में शामिल होने पर एक करोड़ रुपये जुर्माना और आजीवन सजा का भी प्रावधान किया गया है।

यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआइओएस) से संवेदनशील एवं अति संवेदनशील केंद्रों की सूची मांगी है। यूपी बोर्ड संवेदनशील जिले और संवेदनशील एवं अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की सूची तैयार कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सामूहिक नकल और अन्य अनियमितताओं के मामलों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने इस साल 18 जिलों को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया है। यही सूची एसटीएफ और एलआईयू को भी उपलब्ध कराई जाएगी।

18 फरवरी से 12 मार्च तक होगी बोर्ड परीक्षा

यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से 12 मार्च तक होने वाली हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए 52.30 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परीक्षा के लिए 8033 केंद्र बनाए गए हैं। निष्पक्ष और नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए बोर्ड ने पूर्व की परीक्षाओं के दौरान नकल में संलिप्तता वाले 639 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र की सूची से पहले ही बाहर कर दिया था। इसमें से 254 विद्यालय डिबार हैं, जबकि 385 के विरुद्ध मान्यता वापस लिए जाने की कार्यवाही चल रही है।

संवेदनशील जिले कौन-कौन हैं?

इसके अलावा 18 ऐसे जिलों को चिह्नित किया गया है, जहां पिछली परीक्षाओं में नकल के मामले सामने आए थे। इसमें शामिल जिलों आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा को संवेदनशील की सूची में डालने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। डीआइओएस से प्राप्त होने वाले संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ/पुलिस का विशेष पहरा रहेगा।


आजीवन कारावास तक की सजा का प्रविधान

बोर्ड़ सचिव ने कहा है कि नकल में संलिप्तता मिलने पर दोषियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एक करोड़ रुपये तक जुर्माना एवं आजीवन कारावास तक की सजा का प्रविधान है।

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