Assembly Election 2026 Highlights: असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हो गया है। शाम 5 बजे वोटिंग खत्म हुई और चुनाव अधिकारियों ने EVM और VVPAT को सील कर दिया। तीनों ही राज्यों में बंपर वोटिंग देखने को मिली है। असम में 84.42%, केरल में 75.01% और पुडुचेरी में 86.92%
Vidhan Sabha Election 2026 Highlights: केरल, असम और पुडुचेरी में आज (9 अप्रैल) कुल 296 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है। वोटिंग में केरल की 140 सीटें, असम की 126 सीटें और पुडुचेरी की 30 सीटें शामिल हैं। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। तीनों राज्यों में कुल 1,849 उम्मीदवार मैदान में हैं। उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो गई। तीनों राज्यों में करीब 10 लाख से अधिक मतदा
Vidhan Sabha Election 2026 Highlights: केरल, असम और पुडुचेरी में आज (9 अप्रैल) कुल 296 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है। वोटिंग में केरल की 140 सीटें, असम की 126 सीटें और पुडुचेरी की 30 सीटें शामिल हैं। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। तीनों राज्यों में कुल 1,849 उम्मीदवार मैदान में हैं। उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो गई। तीनों राज्यों में करीब 10 लाख से अधिक मतदाता पहली बार मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।
असम में बीजेपी की तैयारी हैट्रिक बनाने की
असम विधानसभा की सभी 126 सीट के लिए गुरुवार (9 अप्रैल) सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। इसमें 722 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा। इस चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरी है। जबकि कांग्रेस 2016 में हारने के बाद फिर से सरकार बनाना चाहती है।
इन चुनाव के लिए मतदान एक ही चरण में होगा। मतदान शाम पांच बजे समाप्त होगा। मतदान केंद्रों के बाहर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। राज्य भर के 31,490 मतदान केंद्रों पर 2.50 करोड़ मतदाता मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं। इन मतदाताओं में 1.25 करोड़ महिलाएं और थर्ड जेंडर के 318 मतदाता शामिल हैं। मतगणना चार मई होगी।
असम में चुनाव प्रचार मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के शासन के रिकॉर्ड और गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस की चुनौती के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। चुनावों से पहले BJP और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, जिससे राजनीतिक घमासान मच गया।
केरल विधानसभा की सभी 140 सीट के लिए मतदान गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान जारी है। मतदाता राज्य के 30,495 मतदान केंद्रों पर सुबह जल्दी पहुंचने लगे ताकि दिन चढ़ने के साथ बढ़ने वाली गर्मी से बचा जा सके। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन अपनी पत्नी और बेटी के साथ परवूर निर्वाचन क्षेत्र स्थित मतदान केंद्र पर वोट डालने के लिए सुबह जल्दी पहुंचे।
इसी तरह वट्टियूरकावु विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार आर श्रीलेखा और पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने भी सुबह जल्दी पहुंचकर मतदान किया। मतदान कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच जारी है। इसके तहत 76,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही वेबकास्टिंग सिस्टम का व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल करते हुए चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है।
राज्य की 140 विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे 883 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करीब 2.71 करोड़ मतदाता करेंगे। निर्वाचन आयोग (ECI) के आंकड़ों के अनुसार, मतदाताओं में 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। इसके अलावा 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता भी हैं। इस चुनावी प्रक्रिया के लिए चुनाव आयोग ने 1.42 लाख कर्मियों की तैनाती की है।
केरल में मुख्य मुकाबला CPI(M) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF), कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले NDA के बीच है। इस चुनाव प्रचार की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और पिनाराई विजयन जैसे बड़े नेताओं ने संभाली है।
पुडुचेरी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान जारी है। इस चुनाव में 9.50 लाख मतदाता सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (I.N.D.I.A) गठबंधन के चुनावी भाग्य का फैसला करेंगे। मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पुडुचेरी और इसके कराईकल, माहे तथा यानम क्षेत्रों में मतदान केंद्रों के बाहर उत्साह के साथ सुबह से कतार में खड़े दिखे। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ।
केंद्र शासित प्रदेश में पुडुचेरी के 23 विधानसभा क्षेत्र, कराईकल के पांच क्षेत्र तथा माहे और यानम की एक-एक विधानसभा सीट के लिए मतदान जारी है। कुल 9.50 लाख मतदाताओं में महिलाओं की संख्या (5.03 लाख) पुरुष मतदाताओं (4.46 लाख) से अधिक है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश में 1,099 मतदान केंद्र हैं। इनमें से 209 को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है। केंद्र शासित प्रदेश में कुल 294 उम्मीदवार मैदान में हैं।