गजब! बिहार में कुत्ता, ट्रैक्टर और ट्रंप के बाद अब बिल्ली के नाम से निवास के लिए आवेदन

Bihar: रोहतास के नासरीगंज प्रखंड में ऑनलाइन आवासीय प्रमाण पत्र के लिए एक आवेदन आया, जिसमें आवेदक का नाम कैट कुमार, पिता का नाम कैटी बॉस और माता का नाम कैटिया देवी दर्ज किया गया है

अपडेटेड Aug 11, 2025 पर 10:30 AM
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प्रशासन ने इस आवेदन को फॉल्स एप्लिकेशन मानते हुए रिजेक्ट कर दिया है

Bihar News: बिहार में फर्जी नाम से निवास प्रमाण पत्र बनवाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पहले डॉग बाबू, सोनालिका ट्रैक्टर और डोनाल्ड ट्रंप के नाम से आवेदन चर्चा में आए थे, और अब रोहतास जिले में बिल्ली के नाम से निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन आया है। रोहतास के नासरीगंज प्रखंड में ऑनलाइन आवासीय प्रमाण पत्र के लिए एक आवेदन आया, जिसमें आवेदक का नाम कैट कुमार, पिता का नाम कैटी बॉस और माता का नाम कैटिया देवी दर्ज किया गया है। इतना ही नहीं, आवेदन में गांव का नाम अतीमीगंज, वार्ड संख्या 7, थाना नासरीगंज, पिन कोड 821310 और आवेदन का उद्देश्य स्टडी बताया गया है। इस ऑनलाइन आवेदन का क्रमांक संख्या BRCCO/2025/18001397 है।

जैसे ही यह मामला सामने आया प्रशासन हरकत में आ गया। रोहतास की डीएम उदिता सिंह ने नासरीगंज के राजस्व कर्मी कौशल पटेल को मामले की जांच का निर्देश दिया और थाना में केस दर्ज कराया गया। आवेदन में आवेदक का मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस भी दर्ज है, जिससे यह साफ है कि इसे जानबूझकर किया गया है।

कुत्ते, ट्रैक्टर और डोनाल्ड ट्रंप के बाद बिल्ली के निवास बनने की बारी


गौरतलब है कि इससे पहले भी बिहार के कई जिलों में कुत्ते, ट्रैक्टर और यहां तक कि डोनाल्ड ट्रंप के नाम से भी आवासीय प्रमाण पत्र के आवेदन दिए जा चुके हैं। ऐसे मामलों से न केवल प्रशासन का समय बर्बाद होता है, बल्कि सरकारी काम में बाधा भी उत्पन्न होती है। हालांकि, प्रशासन ने इस आवेदन को फॉल्स एप्लिकेशन मानते हुए रिजेक्ट कर दिया है। अधिकारियों ने साफ कहा कि आवासीय प्रमाण पत्र के लिए गलत और काल्पनिक नामों से आवेदन करना गंभीर अपराध है, जो सरकारी कार्य में बाधा डालता है।

प्रशासन का कहना है कि यह मामला गंभीर है और इसे सरकारी काम में बाधा डालने के साथ अन्य धाराओं में दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि आखिर लोग इस तरह के आवेदन देकर क्या साबित करना चाहते हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिल्ली के नाम से आवेदन करने के पीछे कौन है और उसका मकसद क्या था।

लोगों का मानना है कि अगर ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो निवास प्रमाण पत्र के ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किया जा सकता है, जिससे आम लोगों को दिक्कत होगी और उन्हें फिर से दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।

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