राजनीति संभावनाओं का खेल है और कौन सा दल कब अपनी बेहतर राजनीतिक संभावनाओं को देख अपने गठबंधन या पार्टी का साथ छोड़ दूसरे गठबंधन का दामन थाम लें, इसे लेकर कोई कुछ नहीं कह सकता है। फिलहाल ऐसी ही संभावना और चर्चा बिहार की सियासत में महागठबंधन के सहयोगी मुकेश सहनी को लेकर तेजी से चल रही है, वो भी तब जब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने मुकेश सहनी को लेकर बड़ा दावा कर दिया है ।
VIP पार्टी के सर्वेसर्वा मुकेश सहनी को लेकर चर्चा हो रही है कि क्या मुकेश सहनी NDA के साथ आ सकते हैं? फिलहाल मुकेश सहनी ने तो इसका खंडन कर दिया है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि आखिर मुकेश सहनी की अहमियत बिहार की सियासत में इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
दरअसल मुकेश सहनी मल्लाह जाति से आते हैं, जो बिहार में अति पिछड़ा समाज में आता है, लेकिन मुकेश सहनी लगातार निषाद समाज के उपजाति को एकजुट करने में लगे हुए हैं, जिसकी आबादी एक अनुमान के मुताबिक, बिहार में लगभग 8-9 प्रतिशत है, जिसमें कुछ प्रमुख है गोढ़ी, बनपर, पीयर, चाई, मुरियारी, बिंद, मल्लाह, केवट, कैवर्त, घटवार सहित 13 उपजाति हैं।
जाहिर है लगभग आठ से नौ प्रतिशत की आबादी अति पिछड़ा समाज में कई सीटो पर निर्णायक भूमिका निभाती है और मुकेश सहनी इस पूरे समाज के बड़े नेता होने का दावा करते हैं, जिसकी वजह से उनकी राजनीतिक हैसियत बनी हुई है।
वहीं बिहार में अति पिछड़ा वोटर, अभी तक NDA का मजबूत वोट बैंक माना जाता रहा है, जो कभी लालू यादव का वोटर हुआ करता था, लेकिन नीतीश कुमार की अगुवाई वाली NDA ने इस वोट बैंक को लालू यादव से छीन लिया, जिसकी वजह से NDA बिहार में मजबूत हालत में दिखती है, जिस पर तेजस्वी यादव की भी नजर है और उन्होंने मुकेश सहनी को अपने पाले में किया है, जिस पर NDA की पूरी नजर है।