Bihar Chunav 2025: NDA छोड़ा अब महागठबंधन का थामेंगे दामन! चिराग पासवान के चाचा पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस का क्या होगा अगला कदम?

सूत्रों के हवाले से बताया कि तेजस्वी के नेतृत्व वाला गठबंधन इस साल के आखिर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में RLJP को कुछ सीटें दे सकता है। आरजेडी के एक नेता ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पारस की RLJP चिराग पासवान के गुट के मतदाता आधार में सेंध लगा सकती है, जिससे NDA को नुकसान हो सकता है

अपडेटेड Apr 16, 2025 पर 1:55 PM
Bihar Chunav 2024: NDA छोड़ा अब महागठबंधन का थामेंगे दामन! चिराग पासवान के चाचा पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस का क्या होगा अगला कदम?

पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के नेता पशुपति कुमार पारस बिहार में RJD के नेतृत्व वाले महागंठबंधन में शामिल हो सकते हैं। पारस "अनदेखी" किए जाने के बाद सत्ताधारी NDA से बाहर चले गए थे। दिवंगत LJP नेता रामविलास पासवान के भाई पारस ने सोमवार को घोषणा की थी कि वह बिहार में BJP नीत NDA से बाहर हो रहे हैं, क्योंकि NDA ने उनके भतीजे चिराग पासवान को समर्थन देने का फैसला किया है।

पारस ने कहा, "मैं 2014 से NDA के साथ हूं। आज मैं घोषणा करता हूं कि अब से मेरी पार्टी का NDA से कोई संबंध नहीं होगा।" पारस ने पिछले साल लोकसभा चुनाव से पहले अपना कैबिनेट पद छोड़ दिया था, जब उनके भतीजे की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को NDA के घटक के रूप में चुनाव लड़ने के लिए पांच सीटें मिली थीं।

इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि तेजस्वी के नेतृत्व वाला गठबंधन इस साल के आखिर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में RLJP को कुछ सीटें दे सकता है।


आरजेडी के एक नेता ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पारस की RLJP चिराग पासवान के गुट के मतदाता आधार में सेंध लगा सकती है, जिससे NDA को नुकसान हो सकता है।

गौरतलब है कि पारस ने हाल ही में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद से मुलाकात की थी, लेकिन अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर कोई जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने कहा था, "मैं जल्द ही बाकी 16 जिलों का दौरा पूरा करना चाहता हूं और राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत करना चाहता हूं।"

2020 के बिहार चुनाव में, RJD के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 110 सीटें जीतीं, जबकि BJP के नेतृत्व वाले NDA ने 125 निर्वाचन क्षेत्र हासिल किए।

NDA ने की 'अनदेखा'

LJP (रामविलास) की ओर से लड़ी गई और जीती गई सीटों में हाजीपुर भी शामिल है, जो दिवंगत रामविलास पासवान का गढ़ है। 2019 में उनके भाई पशुपति कुमार पारस ने यह सीट जीती थी और अब इस सीट का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान कर रहे हैं।

NDA के दरकिनार किए जाने के बावजूद पारस ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर गठबंधन में अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश की थी।

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