Bihar Election 2025: BJP की अब बिहार पर नजर! अलग-अलग राज्यों में प्रवासी बिहारी नागरिकों को साधने में लगी पार्टी, मैदान में उतारीं काई टीम

Bihar Chunav 2025: इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होना हैं। चुनाव में विजय पाने के लिए बीजेपी ने बिहार राज्य के बाहर काम करने वाले बिहारियों को अपनी और लाने पर काम करना शुरू कर दिया है। बिहारी मतदाताओं को लुभाने के लिए बीजेपी अपनी अलग रणनीति बना कर काम करना शुरू कर दिया है

अपडेटेड Apr 16, 2025 पर 3:07 PM
Bihar Election 2025: BJP की अब बिहार पर नजर! अलग-अलग राज्यों में प्रवासी बिहारी नागरिकों को साधने में लगी पार्टी, मैदान में उतारीं काई टीम

भारतीय जनता पार्टी ने अब बिहार विधानसभा चुनाव को फतह करने के अपनी निगाहें जमा दी है। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अब प्रवासी बिहारी वोटर्स पर फोकस करना शुरू कर दिया है। बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने बाकायदा इसके लिए टीम बनाई है। इतना ही नहीं बिहार चुनाव के लिए प्रभारी भी बनाए गए हैं। राजस्थान में हाल ही में बिहार दिवस के बहाने आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में प्रवासी बिहारियों को प्रदेश बीजेपी की ओर से बुलाया गया और वर्तमान और पुराने बिहार के स्वरूप का जिक्र भी किया गया।

क्या है बीजेपी का बिहार फतह का प्लान?

इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होना हैं। चुनाव में विजय पाने के लिए बीजेपी ने बिहार राज्य के बाहर काम करने वाले बिहारियों को अपनी और लाने पर काम करना शुरू कर दिया है। बिहारी मतदाताओं को लुभाने के लिए बीजेपी अपनी अलग रणनीति बना कर काम करना शुरू कर दिया है।


असल में बिहार से बाहर राजस्थान सहित दूसरे राज्यों में बड़ी तादाद में लोग नौकरी या मजदूरी समेत दूसरे कामों के लिए आते हैं। उनको बीजेपी से जोड़ने कम कम शुरू हो गया है। बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने राष्ट्रीय पर तीन महासचिवों को जिम्मेदारी दी है। इसके साथ ही हर एक राज्य में एक-एक प्रदेश महामंत्री को प्रवासी बिहारियों के संपर्क में रहने जिम्मेदारी दी गई है।

राजस्थान में भी एक अनुमान के अनुसार, डेढ़ से ढाई लाख प्रवासी बिहारी रह रहे हैं। बिहार चुनाव में ये प्रवासी वोट डालने जाएं, इसके लिए बीजेपी ने अपनी कोशिशें शुरू कर दी हैं। बिहार दिवस मनाने के बहाने प्रदेश बीजेपी ने प्रवासी बिहारियों के लिए स्नहे मिलन आयोजित किया।

बीजेपी के नेता पहले के बिहार और वर्तमान बिहार में अंतर बताते हुए विकसित बिहार के लिए समर्थन मांग लिया। सम्मेलनों में बताया जाता है की बिहार विकसित हो चुका है। विकास यात्रा को आगे बढ़ाना और मजबूत करना है। संपदा का पूरा इस्तेमाल करना है।

इधर राजनीति की परख रखने वाले पंडितों का मानना है कि प्रदेश से बिहारी को बीजेपी की ओर आकर्षित करने का काम शुरू हो गया है। बिहार चुनाव को लेकर बीजेपी में माइक्रो मैनेजमेंट स्तर की तैयारी शुरू हो गई है, जिसके तहत प्रवासी बिहारी से संपर्क बनाकर उनके वोट बीजेपी में डलवाने या उनके रिश्तेदारों और मिलने वालों को BJP को वोट देने की अपील करवाना भी शामिल है।

बिहार में किस तरह से भगवा फहराया जाए, उसकी तैयारी हो रही है राजनीतिक विश्लेषक मिथिलेश जैमिनी का मानना है कि बिहार को एक मैसेज देना है कि राजस्थान में बिहारी का पूरा सम्मान हो रहा है। बिहार की जीत में राजस्थान अपना क्या सहयोग दे सकता है उसे पर काम शुरू हो गया है।

भाजपा के बिहार इलेक्शन को फतेह करने की तैयारी को इस रूप में देखा जा सकता है कि बिहार दिवस भले ही 22 मार्च को चला गया, लेकिन बिहारी समुदाय को पार्टी से जोड़ने के लिए 13 अप्रेल को स्नेह मिलन समारोह आयोजित किया गया। ऐसे में जिन प्रदेशों में बिहारी की मौजूदगी है वहां पर भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

Bihar Chunav 2025: NDA छोड़ा अब महागठबंधन का थामेंगे दामन! चिराग पासवान के चाचा पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस का क्या होगा अगला कदम?

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।