बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दो वोटर कार्ड मामले में फंसते नजर आ रहे हैं। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के सभी आरोपों को झूठा करार दिया है। अब चुनाव आयोग ने एक बार फिर से राजद नेता तेजस्वी यादव को नोटिस जारी कर के सख्त बातें कही हैं। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो वोटर कार्ड (EPIC) दिखाया, वह “स्पष्ट रूप से फर्जी” है। आयोग ने उन्हें 16 अगस्त तक यह कार्ड जमा करने के लिए नोटिस भेजा है।
चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव को भेजा नोटिस
इस मामले में पटना सदर के एसडीएम और दीघा विधानसभा क्षेत्र के चुनाव रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) ने तेजस्वी यादव को एक नया पत्र जारी किया है। इसमें बताया गया है कि बीते कई वर्षों की मतदाता सूची की जांच के बाद यह सामने आया कि तेजस्वी यादव द्वारा बताए गए EPIC नंबर वाला कोई वोटर कार्ड आयोग ने कभी जारी नहीं किया। चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है, "ऐसा लगता है कि आपने जो EPIC कार्ड दिखाया है, वह फर्जी है। कानून के अनुसार, किसी फर्जी सरकारी दस्तावेज़ को बनाना या उसका इस्तेमाल करना एक अपराध है।"
इस नोटिस में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को चेतावनी दी गई है कि फर्जी दस्तावेज़ बनाना या इस्तेमाल करना कानूनन दंडनीय है। साथ ही उनसे अनुरोध किया गया है कि वे अपना कथित फर्जी वोटर कार्ड 16 अगस्त 2025 शाम 5 बजे तक जमा कर दें।
क्या है विवाद
विवाद की शुरुआत तब हुई जब तेजस्वी यादव ने दावा किया कि 1 अगस्त को जारी हुई मसौदा मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास मौजूद वोटर कार्ड के EPIC नंबर RAB2916120 से कोई रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। लेकिन पटना ज़िला प्रशासन ने उनके इस दावे को खारिज कर दिया। चुनाव आयोग ने उस मसौदा सूची का हिस्सा भी दिखाया जिसमें तेजस्वी यादव का नाम दर्ज है। आयोग ने बताया कि उनका नाम बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पुस्तकालय भवन में बने बूथ नंबर 204 की वोटर लिस्ट में क्रमांक 416 पर दर्ज है, और इसका EPIC नंबर RAB0456228 है, जो उनके दावे से अलग है।
चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव का 2020 के विधानसभा चुनावों में दाखिल किया गया हलफनामा भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने EPIC नंबर RAB0456228 का इस्तेमाल किया था। 2015 की मतदाता सूची में भी उनका नाम इसी नंबर के साथ दर्ज था। बाद में तेजस्वी यादव ने माना कि उनके पास वही वोटर कार्ड है, जिसका ज़िक्र अधिकारियों ने किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके नाम पर दो EPIC नंबर जारी हुए हैं, तो इसकी गलती चुनाव आयोग की है। उन्होंने सवाल उठाया, "अगर दो वोटर कार्ड जारी हुए, तो इसमें मेरी गलती नहीं है। फिर मुझसे स्पष्टीकरण क्यों माँगा जा रहा है?" उन्होंने आयोग से जवाबदेही तय करने की माँग की।
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