Bihar News : बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर सियासी घमासान मचा हुआ है। इस प्रक्रिया में बड़ी-बड़ी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिससे विपक्ष चुनाव आयोग पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। ताज़ा मामले में दो महिलाओं की उम्र को लेकर विवाद गहराया है। दरअसल, SIR के बाद एक महिला की उम्र असल में 35 साल है, लेकिन ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उम्र 124 साल लिखी गई है, वहीं, दूसरी महिला की उम्र 120 साल दर्ज है, हालांकि चुनाव आयोग ने इसको सही उम्र बताया है।
124 साल बताया गया उम्र
पहला मामला सीवान जिले के दरौंदा विधानसभा क्षेत्र की रहने वाली मिंता देवी का है। उनकी असली उम्र 35 साल है, लेकिन मतदाता सूची में उन्हें 124 साल का दिखाया गया है। इस गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस ने जमकर विरोध किया। यहां तक कि मंगलवार को संसद भवन में कांग्रेस के सांसद प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं ने मिंता देवी के नाम और फोटो वाली टी-शर्ट पहनकर प्रदर्शन भी किया। उनका कहना है कि वोटर लिस्ट में ऐसी गलतियां चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती हैं और इसे तुरंत सुधारा जाना चाहिए।
सामने आई ये बड़ी गलती
वहीं, दूसरा मामला भागलपुर जिले के पीरपैंती विधानसभा क्षेत्र का है, जहां रहने वाली आशा देवी की उम्र वोटर लिस्ट में 120 साल दर्ज है। सोशल मीडिया पर उनकी उम्र को लेकर खूब चर्चा हो रही है और कई लोगों ने इसे गलत बताया। लेकिन चुनाव आयोग ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि आशा देवी की असली उम्र सच में 120 साल ही है। आयोग ने भागलपुर के डीएम के हवाले से बताया कि पीरपैंती के निर्वाचक निबंधक पदाधिकारी ने BLO से जांच कराई गई है और जांच में यही उम्र सही पाई गई है।
चुनाव आयोग ने कहा कि आशा देवी वास्तव में 120 साल की हैं। वहीं, मिंता देवी के मामले में गड़बड़ी कैसे हुई, इस पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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