'हमारे जीते हुए उम्मीदवारों को जानबूझकर हरवाया...' तेजस्वी ने राहुल गांधी के सुर में सुर मिलाया

Bihar Election 2025: तेजस्वी यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब 2025 के चुनावों से पहले RJD, कांग्रेस, वामदल और VIP एक बार फिर एकजुट होकर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली NDA सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। अब तक माना जा रहा था कि कांग्रेस अकेले राह चलेगी, लेकिन तेजस्वी का राहुल के समर्थन में उतरना संकेत देता है कि विपक्ष अब साझा ताकत के साथ मैदान में उतरेगा

अपडेटेड Jun 08, 2025 पर 6:25 PM
Bihar Election 2025: तेजस्वी ने राहुल गांधी के सुर में सुर मिलाया

बिहार की सियासत इन दिनों फिर गर्म है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में ‘चुनावी फिक्सिंग’ की बात कही थी। तेजस्वी ने साफ तौर पर कहा कि सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, बिहार में भी चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठना लाजमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से मोदी सरकार ने देश की संवैधानिक संस्थाओं को 'हाईजैक' कर लिया है।

तेजस्वी ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव की याद दिलाते हुए कहा कि महागठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में था, लेकिन चुनाव आयोग ने हमारे जीते हुए उम्मीदवारों को जानबूझकर हरवाया। उनका दावा है कि तब आयोग को तीन बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई देनी पड़ी, जो बीजेपी के दबाव में काम करने का सबूत है।

2025 से पहले विपक्ष की नई चाल


तेजस्वी यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब 2025 के चुनावों से पहले RJD, कांग्रेस, वामदल और VIP एक बार फिर एकजुट होकर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली NDA सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। अब तक माना जा रहा था कि कांग्रेस अकेले राह चलेगी, लेकिन तेजस्वी का राहुल के समर्थन में उतरना संकेत देता है कि विपक्ष अब साझा ताकत के साथ मैदान में उतरेगा।

राहुल गांधी की बिहार में बढ़ती सक्रियता और OBC-EBC वोट बैंक पर फोकस भी इस रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

NDA का पलटवार- 'हार का बहाना ढूंढ रहे हैं'

तेजस्वी के आरोपों पर NDA ने भी पलटवार करने में देर नहीं की। JDU प्रवक्ता अभिषेक झा ने बयान को ‘हार की हताशा’ बताया। वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सोशल मीडिया से बाहर निकलकर जमीनी हकीकत देखनी चाहिए।

असल में, 2020 में महागठबंधन को 110 सीटें मिली थीं, लेकिन NDA की 125 सीटों के आगे सत्ता हाथ से निकल गई थी। हालांकि, RJD 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। कांग्रेस की कमजोर परफॉर्मेंस (70 में से 19 सीटें) गठबंधन की राह में अड़चन बनी।

चुनावी अखाड़ा तैयार, लड़ाई दिलचस्प होगी!

तेजस्वी अब बेरोजगारी, पलायन और कानून-व्यवस्था जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेर रहे हैं। लेकिन चिराग पासवान की ‘नव संकल्प रैली’ और प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज’ पार्टी जैसे नए मोहरे मैदान में हैं, जो विपक्ष के लिए नई चुनौती बन सकते हैं।

तेजस्वी का यह तीखा हमला एक तरफ युवाओं और अल्पसंख्यक मतदाताओं को जोड़ सकता है, तो वहीं दूसरी ओर NDA इसे विपक्ष की बौखलाहट बता रहा है।

अब देखना ये है कि 2025 की जंग में तेजस्वी-राहुल की जोड़ी कितना दम दिखा पाती है — और क्या जनता इस बार 'हाईजैक' के आरोपों को गंभीरता से लेगी?

उच्च जाति आयोग: एक गुरु के दो शिष्य, कर्पूरी फॉर्मूले को नीतीश ने याद रखा, लालू भूल गए

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।