Bihar New CM: बिहार में अब 'सम्राट युग' की शुरुआत! राज्य में पहली बार बना BJP का मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी के साथ JDU से दो डिप्टी ने ली शपथ

Bihar New CM: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली। चौधरी इस पद पर आसीन होने वाले BJP के पहले मुख्यमंत्री हैं। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई

अपडेटेड Apr 15, 2026 पर 11:43 AM
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Bihar New CM: सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ही है

Bihar New CM: बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी अब राज्य के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। सम्राट चौधरी ने बुधवार (15 अप्रैल) को राजधानी पटना में बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। पूर्व सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद वह बिहार के पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यमंत्री बन गए हैं। उनके साथ JDU विधायक विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव दोनों बिहार के डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है। मंगलवार को चौधरी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विधायक दल का नेता चुना गया था।

इससे पहले हाल ही में राज्यसभा सदस्य बने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में BJP 89 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और JDU में करीब 12 वर्ष बिताने के बाद वर्ष 2017 में BJP का दामन थामा था।

राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने मंगलवार को राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। मंत्रिमंडल भंग करने की कुमार की सिफारिश के कुछ घंटे बाद चौधरी ने JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और अन्य नेताओं के साथ लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की। बिहार विधानसभा में राजग के कुल 202 सदस्य हैं।


RJD से BJP तक का सफर

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले सम्राट चौधरी भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल के नेता चुने जाने के साथ ही बिहार में भगवा पार्टी के पहले मुख्यमंत्री हैं। बिहार की राजनीति में इस बदलाव के संकेत पिछले वर्ष नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान ही मिल गए थे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक चुनावी सभा में कहा था कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को 'बड़ा आदमी' बनाया जाएगा। बिहार हिंदी पट्टी का वह प्रमुख राज्य रहा है, जहां लंबे समय तक प्रभावशाली उपस्थिति के बावजूद BJP सत्ता के शीर्ष पद तक नहीं पहुंच सकी थी।

2017 में बीजेपी में हुए शामिल

सम्राट चौधरी ने वर्ष 2017 में BJP का दामन थामा था। इससे पहले वह एक दशक से अधिक समय तक RJD में रहे। करीब दो वर्ष तक वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल यूनाइटेड (JDU) में भी रहे। सम्राट चौधरी, पूर्व सैनिक से राजनेता बने शकुनी चौधरी के बेटे हैं। शकुनी चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी। बाद में वह अलग-अलग समय में लालू प्रसाद तथा नीतीश कुमार के साथ जुड़े रहे।

सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री के रूप में की थी। RJD के वर्ष 2005 में सत्ता से बाहर होने के बाद भी वह लंबे समय तक इस पार्टी के साथ बने रहे। लेकिन 2014 में एक बागी धड़े के साथ JDU में शामिल हो गए, जब जीतन राम मांझी राज्य के मुख्यमंत्री थे। तीन वर्ष बाद उन्होंने JDUछोड़कर BJP का रुख किया, जहां उन्हें एक प्रभावशाली वक्ता और कोइरी समुदाय के प्रमुख नेता के रूप में पहचान मिली।

BJP का सफरनामा

उन्हें BJP की राज्य इकाई का उपाध्यक्ष बनाया गया। फिर विधान परिषद का सदस्य बनाया गया। इसके बाद बाद में 2020 के विधानसभा चुनावों के बाद बनी सरकार में मंत्रिमंडल में स्थान मिला। मार्च 2023 में उन्हें BJP कर राज्य इकाई का अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने लोकसभा सदस्य संजय जायसवाल की जगह ली।

नीतीश की रह चुके हैं आलोचक

कभी नीतीश कुमार के मुखर आलोचक रहे सम्राट चौधरी ने 2022 में JDU-BJP अलग होने के बाद पगड़ी पहनने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा था कि वह इसे मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के हटने के बाद ही उतारेंगे। हालांकि, बाद में वह नीतीश के भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल हो गए।

उपमुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने BJP के विजय कुमार सिन्हा के साथ पद शेयर किया। लेकिन उनकी राजनीतिक अहमियत तब और स्पष्ट हुई जब उन्हें गृह विभाग सौंपा गया, जो पहले नीतीश कुमार अपने पास रखते थे। सम्राट चौधरी संगठन के शीर्ष नेतृत्व को संतुष्ट रखने की क्षमता के कारण भी आगे बढ़े हैं। जबकि उनकी पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी नहीं रही है।

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कोइरी समुदाय से आते हैं चौधरी

सम्राट चौधरी कोइरी समुदाय से आने वाले बिहार के दूसरे मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले 1968 में सतीश प्रसाद सिंह इस समुदाय से मुख्यमंत्री बने थे, जिनका कार्यकाल मात्र पांच दिन का रहा था। अब शीर्ष पद पर पहुंचने के बाद सम्राट चौधरी के सामने बिहार में BJP को एक मजबूत राजनीतिक आधार के रूप में स्थापित करने की चुनौती होगी। साथ ही उन्हें JDU जैसे सहयोगी दलों के साथ संतुलन बनाए रखना होगा और छोटे सहयोगियों को भी साथ लेकर चलना होगा।

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