Bihar Election : बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी हुई नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि उनका नाम इस लिस्ट से गायब है।
तेजस्वी यादव का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से गायब!
तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह दावा किया कि उन्होंने स्वयं चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपना EPIC नंबर डालकर वोटर लिस्ट में नाम खोजने की कोशिश की, लेकिन "No Record Found" दिखाया गया। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा, "अगर मेरा नाम ही लिस्ट में नहीं है, तो मैं चुनाव कैसे लड़ूंगा?"
साथ ही, तेजस्वी ने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि SIR की आड़ में राज्य भर में लाखों असली मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि आयोग हटाए गए नामों का भी विवरण बूथ वाइज सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
बिहार में 24 जून से शुरू हुई वोटर लिस्ट की समीक्षा प्रक्रिया के बाद 1 अगस्त को ड्राफ्ट सूची जारी की गई है। इसमें 65.64 लाख से अधिक नामों को हटाया गया है, जिनमें मृतक, डुप्लीकेट या स्थानांतरित मतदाता शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं को भी बाहर कर दिया गया है।
वहीं, चुनाव आयोग ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ने यह गलत दावा किया है कि उनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है। जबकि उनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में क्रमांक 416 पर दर्ज है। इसलिए, यह दावा कि उनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, झूठा और तथ्यात्मक रूप से गलत है।
तेजस्वी यादव ने आयोग से आपत्तियों की अंतिम तिथि को बढ़ाने की भी अपील की है ताकि जिन लोगों के नाम गलती से हटाए गए हैं, उन्हें फिर से जोड़ा जा सके।