Malviya Nagar Chunav Result Live: दिल्ली विधानसभा की तस्वीर साफ हो गई है। यहां की 70 सीटों में से एक मालवीय नगर में भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ रहे सतीश उपाध्याय जीत गए हैं। उन्होंने आप पार्टी के कैंडीडेट सोमनाथ भारती को हरा दिया है। मालवीय नगर से कांग्रेस पार्टी की तरफ से जितेंद्र कुमार चुनावी मैदान में थे। फिलहाल मालवीय नगर सीट पर भाजपा ने कब्जा कर लिया है। सतीश उपाध्याय 2166 वोटों से जीत गए हैं।
मालवीय नगर विधासभा सीट से भाजपा सतीश उपाध्याय जीत गए हैं। उन्हें 38391 वोट मिले। उन्होंने AAP पार्टी के सोमनाथ भारती को 2166 वोट से हार गये है। सोमनाथ भारती को 36355 वोट मिले। कांग्रेस के जितेंद्र कुमार को 6502 वोट मिले हैं। मालवीय नगर में काउंटिंग हो चुकी है।
मालवीय नगर में भाजपा की तरफ से सतीश उपाध्याय 31791 वोट मिले हैं। वह 6530 वोटों से आगे चल रहे हैं। आम आदमी पार्टी के सोमनाथ भारती पीछे चल रहे हैं। उन्हें अभी तक 25252 वोट मिले हैं। कांग्रेस के जितेंद्र कुमार को 3896 वोट मिले हैं। मालवीय नगर में 11 राउंड की काउंटिंग हो चुकी है।
मालवीय नगर में भाजपा की तरफ से सतीश उपाध्याय 26220 वोट मिले हैं। वह 6053 वोटों से आगे चल रहे हैं। आम आदमी पार्टी के सोमनाथ भारती पीछे चल रहे हैं। उन्हें अभी तक 20167 वोट मिले हैं। कांग्रेस के जितेंद्र कुमार को 3078 वोट मिले हैं। मालवीय नगर में 9 राउंड की काउंटिंग हो चुकी है।
मालवीय नगर में भाजपा की तरफ से सतीश उपाध्याय 20248 वोट मिले हैं। भाजपा मालवीय सीट पर आगे हैं। आम आदमी पार्टी के सोमनाथ भारती को 15,820 वोट मिले हैं। कांग्रेस के जितेंद्र कुमार को 2371 वोट मिले हैं। मालवीय नगर में 8 राउंड की काउंटिंग हो चुकी है।
मालवीय नगर के भाजपा की तरफ से भाजपा के सतीश उपाध्याय 14653 वोट मिले हैं। वह आगे चल रहे हैं। आम आदमी पार्टी के सोमनाथ भारती को 11291 वोट मिले हैं। कांग्रेस के जितेंद्र कुमार को 1694 वोट मिले हैं। मालवीय नगर में 5 राउंड की काउंटिंग हो चुकी है।
भाजपा की तरफ से भाजपा के सतीश उपाध्याय आगे हैं।
Delhi Assembly Election: 70 सीटें है विधानसभा में
दिल्ली विधानसभा में 70 सीटें हैं, जिस पर 5 फरवरी कोर 699 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में लॉक हुई थी। राज्य की मान्यता मिलने के बाद पहली बार यहां 1993 में चुनाव हुए थे और उस समय बीजेपी ने सरकार बनाई थी। बीजेपी की पांच साल की सरकार में तीन मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज मुख्यमंत्री थे। इसके बाद कांग्रेस की शीला दीक्षित का दौर आया। उन्होंने साल 1998 से लगातार तीन बार दिल्ली में जीत दर्ज की। शीला दीक्षित साल 2013 तक मुख्यमंत्री रहीं। उसके बाद आम आदमी पार्टी की आंधी आई और 2013 से उनकी आम आदमी पार्टी जीत रही है।