दिल्ली चुनाव 2025

Bihar Voting: 'मुल्लाओं को यहीं दिखता है शरिया कानून...'; बिहार में वोटिंग के बीच गिरिराज सिंह के बुर्के वाले बयान पर संग्राम

Bihar Elections Phase 1 Voting: लखीसराय में मतदान के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुर्का पहनी महिलाओं की पहचान की जांच को 'वोट चोरी' रोकने के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक पक्षपात नहीं है। हम पाकिस्तान में नहीं रहते। न तो बिहार में तेजस्वी यादव की सरकार बनेगी, न ही यहां शरीयत कानून लागू होगा

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विधानसभा चुनाव FAQs

भारत में विधानसभा चुनाव क्या हैं और ये क्यों कराए जाते हैं?

भारत में होने वाले विधानसभा चुनाव राज्य स्तर पर सरकार चुनने की प्रक्रिया है। इसके माध्यम से राज्य की जनता अपने प्रतिनिधि (MLA - विधायक) चुनती है। जिस दल या गठबंधन को विधानसभा की कुल सीटों में से आधे से अधिक (बहुमत) सीटें मिलती हैं, वह राज्य में सरकार बनाता है और उसका नेता मुख्यमंत्री बनता है। यह चुनाव सामान्यतः हर 5 साल में आयोजित किए जाते हैं।

विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु और योग्यता क्या है?

भारत के संविधान के अनुसार, विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार भारत का नागरिक होना चाहिए। वह किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में एक पंजीकृत मतदाता (Voter) होना चाहिए। वह सरकार के अधीन किसी 'लाभ के पद' (Office of Profit) पर नहीं होना चाहिए। वह मानसिक रूप से स्वस्थ हो और न्यायालय द्वारा अयोग्य घोषित न किया गया हो।

एक व्यक्ति अधिकतम कितनी सीटों पर चुनाव लड़ सकता है?

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act) के अनुसार, एक व्यक्ति एक ही समय में अधिकतम 2 निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ सकता है। अगर वह दोनों सीटों पर जीत जाता है, तो उसे एक निश्चित समय के भीतर एक सीट छोड़नी पड़ती है।

क्या जेल में बंद व्यक्ति मतदान कर सकता है या चुनाव लड़ सकता है?

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 62(5) के अनुसार, जेल में बंद व्यक्ति (विचाराधीन कैदी या सजायाफ्ता) मतदान नहीं कर सकता। हालांकि, चुनाव लड़ने के मामले में नियम अलग हैं। अगर किसी व्यक्ति को 2 साल या उससे अधिक की सजा हुई है, तो वह रिहाई के 6 साल बाद तक चुनाव नहीं लड़ सकता। लेकिन अगर मामला विचाराधीन है और व्यक्ति जेल में है, तो वह चुनाव लड़ सकता है।

विधानसभा चुनाव में 'NOTA' का क्या महत्व है?

NOTA (None of the Above) यानी 'इनमें से कोई नहीं'। यह विकल्प उन मतदाताओं के लिए है जो अपने चुनाव क्षेत्र के किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं करते। NOTA का बटन दबाकर मतदाता किसी भी उम्मीदवार को वोट न देने के अपने अधिकार का प्रयोग कर सकता है। हालांकि, तकनीकी रूप से NOTA के वोट चुनाव परिणाम को रद्द नहीं करते (भले ही NOTA को सबसे ज्यादा वोट मिलें, दूसरे नंबर वाले उम्मीदवार को ही विजेता माना जाता है), लेकिन यह राजनीतिक दलों को बेहतर उम्मीदवार उतारने का संदेश देता है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025

Election 2023

दिल्ली में कब होने वाला है चुनाव?

दिल्ली में साल 2025 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होंगे। राष्ट्रीय राजधानी की 70 विधानसभा सीटों के लिए फरवरी में चुनाव होने की उम्मीद है। इस बार भी कांटे की टक्कर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच ही देखने को मिल रही है। कांग्रेस पिछली दो चुनावी लड़ाई में कहीं नहीं दिखी। 2020 विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें, तो 62 सीटों के साथ आम आदमी पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि बाकी 8 सीट बीजेपी के खाते में गई थीं। इस बार AAP जहां तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने के लिए जुटी है, तो वहीं बीजेपी सत्ता परिवर्तन के लिए हर कोशिश कर रही है। बड़ी बात ये है कि INDIA गुट के तहत एक साथ मिल कर लोकसभा चुनाव लड़ने वाली AAP और कांग्रेस दिल्ली में बिना किसी गठबंधन के एक-दूसरे खिलाफ ही लड़ रही हैं। दूसरा ये कि इस बार अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री, तो मनीष सिसोदिया उप-मुख्यमंत्री का पद छोड़ कर जनता के बीच हैं।