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राजधानी का अगला मुख्यमंत्री कौन...सीएम की रेस से बाहर हुए प्रवेश वर्मा? अब ये नाम सबसे आगे

दिल्ली मुख्यमंत्री पद की रेस में अरविंद केजरीवाल को हराने वाले बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा के साथ सतीश उपाध्याय, विजेंद्र गुप्ता, आशीष सूद एवं पवन शर्मा जैसे संगठन के अनुभवी नेताओं की चर्चा हो रही है। लेकिन बीजेपी का इतिहास कम चर्चित नेताओं को आगे बढ़ाने का रहा है। वहीं दिल्ली में भी भाजपा चौंकाने वाला फैसला ले सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 15, 2025 पर 2:40 PM
राजधानी का अगला मुख्यमंत्री कौन...सीएम की रेस से बाहर हुए प्रवेश वर्मा? अब ये नाम सबसे आगे
राजधानी का अगला मुख्यमंत्री कौन...?

Delhi CM Race : दिल्ली में अब नई सरकार के गठन का काउंटडाउन शुरू हो गया है। चुनाव के बाद अब सबके मन में एक ही सवाल है कि, दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? भाजपा की तरफ से अभी तक दिल्ली के मुख्यमंत्री को लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया है। पीएम मोदी के अमेरिका दौरे से लौटने के बाद अब जल्द ही मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होने की संभावना है। अगले मुख्यमंत्री को लेकर दिल्ली भाजपा के कई नेताओं के नामों पर अटकलें तेज़ हो गई हैं। वहीं सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली सीट से हराने वाले प्रवेश वर्मा को सीएम रेस से बाहर हो गए हैं।

इन नामों की चर्चा तेज

चुनाव के बाद जल्द ही दिल्ली के मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली में 19 या 20 फरवरी को शपथग्रहण हो सकता है। इस बीच बड़ी खबर यह सामने आ रही है कि प्रवेश वर्मा का नाम मुख्यमंत्री की रेस से बाहर हो सकता है। दरअसल सूत्रों की मानें तो अब इस रेस में तीन नाम शामिल हैं, जिनमें विधायक प्रवेश वर्मा नहीं हैं। जानकारी के अनुसार बीजेपी दिल्ली सीएम के लिए मनजिंदर सिंह सिरसा, जितेंद्र महाजन और रेखा गुप्ता के नाम पर विचार कर रही है. इन्हीं तीन में से कोई एक दिल्ली का नया सीएम हो सकता है।

चौंकाने वाला फैसला ले सकती है बीजेपी!

आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को हराने वाले जाट समुदाय के नेता प्रवेश वर्मा जैसे प्रमुख चेहरे और सतीश उपाध्याय, विजेंद्र गुप्ता, आशीष सूद एवं पवन शर्मा जैसे संगठन के अनुभवी नेताओं की चर्चा हो रही है। लेकिन बीजेपी का इतिहास कम चर्चित नेताओं को आगे बढ़ाने का रहा है। 2023 में मध्य प्रदेश और राजस्थान तथा पिछले साल ओडिशा समेत पिछले अनुभव के मद्देनजर ऐसे मामलों पर अटकलों के लिए बहुत कम गुंजाइश बचती है। बीजेपी ने मध्यप्रदेश में मोहन यादव, राजस्थान में भजनलाल शर्मा और ओडिशा में मोहन चरण माझी को चुना था। इससे अधिकांश राजनीतिक विश्लेषक हैरान रह गए। वहीं ऐसा ही कोई फैसला दिल्ली में भी लिया जा सकता है।

दिल्ली के सियायी रण में आम आदमी पार्टी (AAP) को पटखनी देकर 27 साल बाद भाजपी ने धमाकेदार वापसी की है। बीजेपी ने 70 में से 48 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी ने 22 सीटों पर सिमट गई है। कांग्रेस का तो खाता भी नहीं खुला है।

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