Term Loan: How it works? Check interest rate, features and eligibility

टर्म लोन एक ऐसा फाइनेंसिंग ऑप्शन है, जिसमें फिक्स रीपेमेंट शेड्यूल होता है, जिससे यह बिजनेस बढ़ाने, घर खरीदने या बड़े खर्चों के लिए एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है. इसका फ्लेक्सिबल टेन्योर और पहले से तय EMI आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग को आसान बनाती है.

अपडेटेड Mar 10, 2026 पर 5:59 PM

क्या आप अपने बड़े खर्चों को फाइनेंस करने का बेस्ट तरीका ढूंढ रहे हैं? चाहे बिजनेस बढ़ाना हो, नया घर खरीदना हो या कोई बड़ी खरीदारी, टर्म लोन आपके लिए प्लान्ड और स्ट्रक्चर्ड बॉरोइंग का एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. फिक्स रीपेमेंट शेड्यूल और फ्लेक्सिबल टेन्योर के साथ टर्म लोन एकमुश्त पेमेंट किए बिना आपके खर्चों को मैनेज करने में मदद करता है.

टर्म लोन क्या है?

टर्म लोन एक तय समय के लिए लिया गया लोन होता है (आमतौर पर 1 से 10 साल तक), लेकिन कभी-कभी इससे ज्यादा समय के लिए भी हो सकता है. यहां लोन लेने वाला व्यक्ति यह वादा करता है कि वह इसे नियमित EMIs में चुकाएगा. इन EMIs में प्रिंसिपल और ब्याज दोनों शामिल होते हैं.

ये लोन ज्यादातर लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए जाने जाते हैं और इनमें आमतौर पर कोई न कोई एसेट गिरवी रखना होता है, यानी कोई संपत्ति या एसेट सिक्योरिटी के तौर पर दी जाती है. लोन अमाउंट मिल जाने के बाद, आपको तय समयसीमा में (महीने या तिमाही आधार पर) इसे चुकाना होता है.


इन पर ब्याज दर फिक्स या फ्लोटिंग हो सकती है. लेंडर आपकी क्रेडिट को मैनेज करने की क्षमता को देखकर टर्म लोन की शर्तें तय करते हैं. वे आपके क्रेडिट स्कोर, इनकम और रिपेमेंट क्षमता के आधार पर लोन देते हैं.

टर्म लोन कई कारणों से बॉरोअर के बीच काफी लोकप्रिय हैं. आसान एप्लीकेशन प्रोसेस, एकमुश्त फंड मिलने की सुविधा, फिक्स रिपेमेंट ऑप्शन और कम ब्याज दरें इसे एक आकर्षक ऑप्शन बनाते हैं.

मनीकंट्रोल के जरिए भी आप लेंडर्स से 50 लाख रुपए तक का इंस्टेंट और 100% डिजिटल लोन ले सकते हैं. इसका प्रोसेस भी बेहद आसान है: बस अपनी डिटेल भरें, KYC वेरिफिकेशन पूरा करें और EMI प्लान चुनें. यहां आपकी नौकरी की स्थिति के अनुसार ब्याज दर सिर्फ 10.5% सालाना से शुरू हो सकती है. 

टर्म लोन के उदाहरण

सिर्फ व्यक्ति ही नहीं बल्कि कंपनियां भी बड़े खर्चों को पूरा करने के लिए टर्म लोन का ऑप्शन चुनती हैं. 

उदाहरण के तौर पर, कोई कंपनी नया ऑफिस खोलने, मौजूदा बिजनेस को बढ़ाने या मॉडर्न इक्विपमेंट खरीदने के लिए टर्म लोन ले सकती है. व्यक्तिगत रूप से लिए गए टर्म लोन का इस्तेमाल प्रॉपर्टी खरीदने (आमतौर पर 20 से 30 साल का रिपेमेंट टेन्योर) या वाहन खरीदने (आमतौर पर 3 से 7 साल का रिपेमेंट टेन्योर) के लिए किया जा सकता है.

टर्म लोन उन स्टूडेंट के लिए भी फायदेमंद हो सकते हैं जो अपनी ट्यूशन फीस कवर करना चाहते हैं. उन्हें तुरंत रीपेमेंट शुरू करने की जरूरत नहीं होती, बल्कि वे पढ़ाई पूरी होने के बाद EMIs चुकाना शुरू कर सकते हैं.

टर्म लोन के प्रकार

टर्म लोन को उनके टेन्योर और रीपेमेंट स्ट्रक्चर के आधार पर मुख्य रूप से 3 कैटेगरी में बांटा गया है:

  1. शॉर्ट-टर्म लोन

इनका रिपेमेंट टेन्योर 1 साल से कम होता है. कुछ लेंडर 18 महीने तक का टेन्योर भी देते हैं. ये लोन फाइनेंशियल जरूरत को तुरंत पूरा करने के मकसद से लिए जाते हैं, इसलिए इन्हें जल्दी अप्रूव भी किया जाता है. हालांकि, छोटे टेन्योर के कारण इन पर ब्याज दरें थोड़ी ऊंची होती हैं. 

उदाहरण: वर्किंग कैपिटल लोन, ट्रेड क्रेडिट, इनवॉइस फाइनेंसिंग, पेडे लोन, मेडिकल बिल 

 

  1. मिड-टर्म लोन

इनका रिपेमेंट टेन्योर 1 से 5 साल होता है. इनमें EMI के जरिए धीरे-धीरे लोन चुकाया जाता है. इन पर ब्याज दर शॉर्ट-टर्म लोन से कम लेकिन लॉन्ग-टर्म लोन से ज्यादा होती है.

ये लोन उन बिजनेस और व्यक्तियों के लिए फायदेमंद होते हैं ,जिन्हें बिजनेस बढ़ाने, मशीनरी खरीदने या व्यक्तिगत जरूरतों के लिए फंड की जरूरत तो है, लेकिन वे लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल कमिटमेंट नहीं चाहते.

उदाहरण के लिए, एक रेस्टोरेंट मालिक 4 साल के लिए 20 लाख रुपए का लोन लेकर नया आउटलेट खोल सकता है, या एक फैक्ट्री मालिक 10 लाख रुपए की नई मशीनरी खरीदने के लिए 4 साल की EMI वाला लोन ले सकता है. अन्य उदाहरणों में व्हीकल लोन, एजुकेशन लोन और शादी या होम रेनोवेशन के लिए पर्सनल लोन भी शामिल हैं.

 

  1. लॉन्ग-टर्म लोन

लॉन्ग-टर्म लोन ऐसे लोन होते हैं, जिनका रीपेमेंट टेन्योर 5 साल से ज्यादा होता है. ये टेन्योर 30 साल तक भी जा सकता है. इन लोन पर शॉर्ट-टर्म और मिड-टर्म लोन की तुलना में ब्याज दरें सस्ती होती हैं, लेकिन बॉरोअर को लंबे समय तक किस्तें चुकाने का कमिटमेंट करना होता है.

लॉन्ग-टर्म लोन में फंडिंग अमाउंट ज्यादा होता है, इसलिए ये बड़े निवेशों के लिए आदर्श माने जाते हैं. लोन अप्रूव करने से पहले लेंडर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री, इनकम स्टेबिलिटी और रीपेमेंट क्षमता की जांच करते हैं.

इन लोन का इस्तेमाल आमतौर पर बड़े निवेशों के लिए किया जाता है, जैसे प्रॉपर्टी खरीदना, घर बनाना या बिजनेस बढ़ाना.

मनीकंट्रोल पर भी आप लेंडर्स से 50 लाख रुपए तक का इंस्टेंट, 100% डिजिटल लोन ले सकते हैं. यहां सिर्फ तीन आसान स्टेप हैं: अपनी डिटेल भरें, KYC प्रोसेस पूरा करें और EMI टर्म सेट करें. आपके जॉब स्टेटस के आधार पर ब्याज दर सिर्फ 10.5% सालाना से शुरू हो सकती है.

टर्म लोन के फीचर

 

 

  • फिक्स रिपेमेंट टेन्योर 

टर्म लोन एक फिक्स रिपेमेंट टेन्योर के साथ आते हैं, जो शॉर्ट-टर्म (1 साल से कम), मिड-टर्म (1 से 5 साल) या लॉन्ग-टर्म (5 साल से ज्यादा) हो सकता है.

 

  • EMIs में  रिपेमेंट

बॉरोअर अपने लोन की रिपेमेंट EMIs के रूप में करते हैं. इस EMI में प्रिंसिपल और ब्याज दोनों शामिल होते हैं. बॉरोअर मासिक, तिमाही या छमाही आधार पर रिपेमेंट कर सकते हैं. यह फाइनेंशियल प्लानिंग को आसान बनाता है.

 

  • ब्याज दर

ब्याज दर दो प्रकार की होती है: फिक्स या फ्लोटिंग रेट. 'फिक्स रेट' में पूरे लोन टेन्योर के दौरान ब्याज दर एक-जैसी रहती है, जबकि 'फ्लोटिंग रेट' मार्केट की स्थिति के आधार पर बदलता रहता है.

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निष्कर्ष

टर्म लोन एक भरोसेमंद फाइनेंसिंग ऑप्शन है. इसे कोई व्यक्ति या बिजनेस ओनर अपने बड़े खर्चों (जैसे बिजनेस एक्सपेंशन, प्रॉपर्टी खरीद या अन्य निवेश) को पूरा करने के लिए ले सकता है.

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