Tamil Nadu Election 2026: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने तमिलनाडु की जनता से 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) गठबंधन के पक्ष में मतदान करने की अपील की है। हैदराबाद से लोकसभा सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा, "ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पार्टी की ओर से मैं तमिलनाडु के मतदाताओं से स्टालिन के नेतृत्व वाले द्रमुक गठबंधन के पक्ष में अपना बहुमूल्य मतदान करने का अनुरोध करता हूं।"
ओवैसी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जनता के समर्थन से स्टालिन सत्ता में वापस आएंगे। उन्होंने आगे कहा, "मैं तमिलनाडु के सभी मतदाताओं से अनुरोध करता हूं कि वे 23 अप्रैल को अपना बहुमूल्य मतदान करें और DMK गठबंधन के सभी उम्मीदवारों को विजयी बनाएं।"
बता दें कि तमिलनाडु चुनाव में मुस्लिम वोटर्स पर सभी पार्टियों की नजर है। दक्षिण भारत के पांच राज्यों में मुसलमानों का काफी प्रभाव है। केरल में 27 प्रतिशत, कर्नाटक में 12.5 प्रतिशत, तेलंगाना में 12.7 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 9.56 प्रतिशत और तमिलनाडु में 6 से 7 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स हैं।
तमिलनाडु के मुस्लिम वोटर्स किसके साथ हैं?
तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों से पहले अल्पसंख्यक वोट बैंक के लिए सभी पार्टियों के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है। सत्ताधारी DMK और अभिनेता से राजनेता बने विजय की नई बनी TVK मुसलमानों के साथ ईसाई समुदाय को भी लुभाने की कोशिश कर रही हैं। मुख्यमंत्री MK स्टालिन ने हाल ही में वरिष्ठ धार्मिक नेताओं का समर्थन हासिल किया। जबकि TVK प्रमुख विजय ने समर्थन मज़बूत करने के लिए एक चर्च में प्रार्थना की।
तमिलनाडु में मुस्लिम आबादी कितनी है?
तमिलनाडु में मुस्लिम आबादी लगभग 5.8% से 7% के बीच मानी जाती है। यानी पूरे राज्य में वे छोटा लेकिन संगठित वोट बैंक हैं। ये सरकार बनाने में अहम भूमिका निशाते हैं।
कितनी सीटों पर है असर है?
पूरे तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटें हैं। मुस्लिम वोट हर सीट पर निर्णायक नहीं है। लेकिन लगभग 25 से 30 सीटों पर उनका सीधा असर माना जाता है। कुछ सीटों जैसे रामनाथपुरम, वेल्लोर, कडयनल्लूर आदि में उनका वोट 20% से अधिक तक होता है। यानी ये 30 के आसपास सीटों पर गेम बदल सकते हैं।
मुस्लिम वोट किस पार्टी को जाता है?
तमिलनाडु में मुस्लिम + क्रिश्चियन मिलाकर लगभग 15% वोट हैं। ये वोट पारंपरिक रूप से सत्ताधारी DMK गठबंधन के साथ रहे हैं। लेकिन इस बार विजय की भी इन पर नजर है। DMK खुद को सेक्युलर/अल्पसंख्यक समर्थक बताती है। इसके अलावा DMK के साथ अक्सर IUML (Indian Union Muslim League), MMK (Manithaneya Makkal Katchi) पार्टियां रहती हैं इस वजह से स्टालिन की पार्टी को फायदा होता है।
क्या 2026 में बदलाव होगा?
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनेता विजय की एंट्री से मुस्लिम वोट में थोड़ा बंटवारा हो सकता है। लेकिन अभी भी मुस्लिम वोटर्स का बड़ा हिस्सा DMK गठबंधन की ओर झुका हुआ माना जाता है। हालांकि, राज्य में मुस्लिम आबादी भले ही 6 से 7% है, लेकिन विधानसभा में उनकी हिस्सेदारी अक्सर 3% से भी कम रही है।