Get App

Ranveer Singh: रणवीर सिंह का छलका दर्द, "जब महीनों तक नहीं बजता था फोन...", धुरंधर की सफलता के बीच सुपरस्टार ने याद किए संघर्ष के वो दिन

Ranveer Singh: रणवीर सिंह ने अपनी फिल्म धुरंधर की सफलता के बीच अपने पुराने संघर्षों को याद करते हुए बताया कि एक समय उनके पास कोई काम नहीं था और महीनों तक फोन नहीं बजता था। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में असफलता जैसी कोई चीज नहीं होती, बल्कि हर कठिन दौर हमें धैर्य, जोखिम लेने और अपनी असलियत को पहचानने का सबक देता है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Mar 24, 2026 पर 8:30 AM
Ranveer Singh: रणवीर सिंह का छलका दर्द, "जब महीनों तक नहीं बजता था फोन...", धुरंधर की सफलता के बीच सुपरस्टार ने याद किए संघर्ष के वो दिन

बॉलीवुड के 'पावरहाउस' कहे जाने वाले रणवीर सिंह आज जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचने का सपना हर उभरता हुआ कलाकार देखता है। हाल ही में उनकी फिल्म 'धुरंधर' और उसके सीक्वल की जबरदस्त कामयाबी ने उन्हें एक बार फिर बॉक्स ऑफिस का राजा बना दिया है। लेकिन इस चकाचौंध के पीछे असफलता और अंधेरी रातों का एक लंबा दौर रहा है, जिसे अभिनेता ने एक पुराने साक्षात्कार में साझा किया था।

जब उम्मीदें टूटने लगी थीं

रणवीर सिंह ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि एक वक्त ऐसा भी था जब उनके पास कोई काम नहीं था। उन्होंने साझा किया, "एक समय था जब कोई उम्मीद बाकी नहीं रह गई थी। हफ़्तों और महीनों तक फोन की घंटी नहीं बजती थी। मैं मूर्ख था जो फिर भी डटा रहा, लेकिन शायद वही पागलपन आज काम आया।" रणवीर के मुताबिक, इंडस्ट्री में बाहरी व्यक्ति होने के नाते उन्होंने उस दर्द को करीब से महसूस किया है जब आपको अपनी काबिलियत साबित करने का मौका तक नहीं मिलता।

असफलता नहीं, केवल सीख

आज के दौर के युवाओं और संघर्ष कर रहे कलाकारों को सलाह देते हुए रणवीर ने कहा कि जीवन में 'फेलियर' जैसी कोई चीज नहीं होती, केवल सबक होते हैं। उनका मानना है कि जो अनुभव हम अपने कठिन समय में प्राप्त करते हैं, वही हमें एक बेहतर कलाकार और इंसान बनाते हैं। रणवीर ने जोर देकर कहा कि मौलिकता कभी भी दूसरों की नकल न करें, अपनी असलियत को अपनी ताकत बनाएं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें