Get App

Anil Kapoor: 'सुनीता एक सिंगल पेरेंट की तरह रही हैं...मैं तो होता ही नहीं था', बच्चों की परवरिश को लेकर बोले अनिल कपूर

Anil Kapoor: अनिल कपूर ने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में सोनम कपूर, रिया कपूर और हर्ष वर्धन की परवरिश को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने अपने बच्चों की परवरिश का पूरा क्रेडिट वाइफ सुनीता कपूर को दिया है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड May 01, 2026 पर 2:08 PM
Anil Kapoor: 'सुनीता एक सिंगल पेरेंट की तरह रही हैं...मैं तो होता ही नहीं था', बच्चों की परवरिश को लेकर बोले अनिल कपूर
अनिल कपूर ने कहा कि हां बस मुझे लगता है कि मुझे अपनी बेटियों के मुकाबले अपने बेटे के साथ ज़्यादा समय बिताना चाहिए था।

Anil Kapoor: अनिल कपूर अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल ज़िंदगी के बीच शानदार तरीके से तालमेल बिठाते नज़र आते हैं। लेकिन सच तो यह है कि जो दिखता है,असलियत उससे कहीं अलग होती है। फिल्म इंडस्ट्री के 'डैडी कूल' ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में खुलकर माना कि जब उनके बच्चे बड़े हो रहे थे, तब वे ज़्यादातर घर पर नहीं होते थे। सुनीता ने उन्हें एक 'सिंगल' पेरेंट की तरह पाला है। 'थार' एक्टर ने बताया कि उन्हें अपनी बेटियों के मुकाबले अपने बेटे के साथ ज़्यादा समय बिताना चाहिए था।

एक्टर ने कहा कि मैं शायद ही कभी घर पर होता था। अगर मेरे बच्चे मेरे बारे में अच्छी बातें कहते हैं, तो मुझे खुशी होती है कि मैंने उनकी परवरिश अच्छे से की है। लेकिन एक पिता के तौर पर, मैं और भी बेहतर हो सकता था। मुझे उनके साथ और ज़्यादा समय बिताना चाहिए था। कई मायनों में, सुनीता ने एक सिंगल पेरेंट की तरह ही भूमिका निभाई है। मैं घर पर तो होता था, लेकिन उस तरह से नहीं, जैसा एक पिता को होना चाहिए।

कपूर ने आगे बताया कि उन्हें अपने बच्चों के डेली लाइफ के बारे में ज़्यादा कुछ पता नहीं होता था, क्योंकि उनकी पत्नी ही उन्हें बच्चों की ज़िंदगी से जुड़ी छोटी-मोटी बातें बताती रहती थीं। मुझे मुश्किल से ही पता होता था कि वे किस क्लास में हैं। मुझे उनके जन्मदिन याद नहीं रहते थे, मेरी पत्नी मुझे याद दिलाती थी। वे मुझसे पूछते थे, ‘मेरा जन्मदिन कब है?’ और मैं एकदम ब्लैंक हो जाता था। लेकिन वे बड़े होकर बहुत ही शानदार और खुशमिजाज इंसान बने हैं।

हालांकि एक्टर ने कहा कि वे पीछे मुड़कर नहीं देखते और उन्हें कोई पछतावा नहीं है। मुझे कोई पछतावा नहीं है। मैं ऐसा इंसान नहीं हूं, जो अतीत में ही उलझा रहे। मैं आगे बढ़ जाता हूं क्योंकि मुझे मज़बूत रहना है। अगर मैं ज़्यादा सोचने लगूं या पछताने लगूं, तो यह मेरे परिवार के लिए अच्छा नहीं होगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें