बॉलीवुड की दुनिया में जब भी देशभक्ति गीतों की बात होती है, तो फिल्म बॉर्डर का मशहूर गाना ‘संदेसे आते हैं’ सबसे पहले याद आता है। इस गीत ने लाखों दिलों को छुआ और आज भी भारतीय सैनिकों और आम दर्शकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव बनाए हुए है। अब जब निर्देशक जे.पी. दत्ता की फिल्म बॉर्डर 2 का ऐलान हुआ है, तो इस गाने का नया रूप ‘घर कब आओगे’ पेश किया गया है। लेकिन इसके साथ ही संगीतकार अनु मलिक ने साफ कहा है कि इस रीक्रिएशन में उनका और गीतकार जावेद अख्तर का नाम क्रेडिट में होना अनिवार्य है।
अनु मलिक की नाराजगी और उम्मीद
अनु मलिक ने एक इंटरव्यू में कहा कि वे इस नए वर्जन का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन चूंकि मूल गीत उनकी धुन और जावेद अख्तर के शब्दों पर बना था, इसलिए उन्हें पूरा भरोसा है कि मेकर्स उनका नाम देंगे। उन्होंने कहा – “लोग जानते हैं कि यह गाना हमने बनाया था। वे इससे बच नहीं सकते। बॉर्डर 2 बिना ‘संदेसे आते हैं’ के बन ही नहीं सकती।”
बॉर्डर 2 के लिए इस गाने को मिथुन ने रीक्रिएट किया है, जबकि मनोज मुंतशिर ने इसमें नए बोल जोड़े हैं। खास बात यह है कि मूल गाने के गायक सोनू निगम फिर से इस वर्जन में अपनी आवाज़ देंगे। उनके साथ अरिजीत सिंह, विशाल मिश्रा और दिलजीत दोसांझ भी जुड़ रहे हैं, जिससे यह गाना एक भव्य और आधुनिक रूप ले रहा है।
गाने का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ और दर्शकों में पुरानी यादें ताजा कर दीं। लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठ खड़ा हुआ कि क्या मूल रचनाकारों को उचित सम्मान मिलेगा।
जेपी दत्ता की मूल फिल्म के 29 साल बाद अनुराग सिंह डायरेक्टेड सीक्वल 23 जनवरी 2026 को रिलीज होगी। टी-सीरीज और जेपी फिल्म्स प्रोडक्शन में सनी देओल, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना की यादें ताजा होंगी। गाने के राइट्स पर भारी खर्च हुआ, जो इसके महत्व को दिखाता है। अनु का स्टैंड क्रिएटर्स के हक की मिसाल है। फैंस नए वर्जन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
फिल्म बॉर्डर का यह गीत सिर्फ संगीत नहीं था, बल्कि सैनिकों के त्याग और परिवारों की प्रतीक्षा का प्रतीक था। यही वजह है कि अनु मलिक और जावेद अख्तर का नाम क्रेडिट में देना न सिर्फ कानूनी या औपचारिक ज़रूरत है, बल्कि भावनात्मक और नैतिक जिम्मेदारी भी है।