Deepika Padukone: अनुभव सिन्हा ने दीपिका पादुकोण का किया समर्थन, 'बोले 8 घंटे की शिफ्ट को बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया'

Deepika Padukone: बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण पिछले साल तब चर्चा में आ गई थीं जब खबरें आईं कि उन्होंने मां बनने के बाद अपने काम के घंटे सीमित कर दिए हैं और केवल 8 घंटे की शिफ्ट की मांग की है। इस पर फिल्म इंडस्ट्री में कामकाज और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर बहस छिड़ गई थी। कई लोगों ने इसे विवाद का रूप दे दिया, लेकिन अब निर्देशक अनुभव सिन्हा ने इस मुद्दे पर खुलकर दीपिका का समर्थन किया है।

अपडेटेड Mar 03, 2026 पर 10:57 AM
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बॉलीवुड में काम के घंटों को लेकर छिड़ी बहस ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। दीपिका पादुकोण के 8 घंटे शिफ्ट की मांग पर विवाद के बीच अनुभव सिन्हा ने उनका खुला समर्थन किया है। प्रसिद्ध निर्देशक ने इसे 'अतिशयोक्तिपूर्ण विवाद' बताते हुए कहा कि अगर किसी कलाकार की शर्तें पसंद न आएं, तो उसके साथ काम ही न करें। यह बयान दीपिका के हालिया इंटरव्यू के बाद आया, जहां उन्होंने उद्योग में लैंगिक भेदभाव पर बात की।

विवाद की जड़ संदीप रेड्डी वंगा की 'स्पिरिट' और 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल से दीपिका का अचानक बाहर होना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मां बनने के बाद उन्होंने बेटी दुआ के साथ समय बिताने को 8 घंटे कामकाजी शिफ्ट की मांग की। प्रोड्यूसर्स इससे सहमत न हुए, जिसके बाद उनका पदार्पण हुआ। दीपिका ने CNBC-TV18 को बताया, "मर्द सुपरस्टार सालों से सोमवार-शुक्रवार सिर्फ 8 घंटे काम करते रहे, लेकिन कभी हेडलाइंस नहीं बनीं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मांग 'निराधार नहीं' है, क्योंकि सेट पर हालात कठिन होते हैं।

अनुभव सिन्हा ने हालिया इंटरव्यू में कहा, "विवाद क्यों पैदा करना? अगर आपको एक्टर की शर्तें ठीक न लगें, तो मत काम करो।" उनका यह रुख उद्योग में कामकाजी संस्कृति पर सवाल उठाता है। राणा दग्गुब जैसे कलाकारों ने विरोध जताया था कि सेट फैक्ट्री थोड़ी है, लेकिन माधुरी दीक्षित ने व्यक्तिगत पसंद का हवाला देते हुए समर्थन किया। दीपिका ने पहले भी क्रू के लिए फिक्स्ड ऑवर्स, ओवरटाइम पे और हेल्दी खाने की वकालत की थी। 'पद्मावत' स्टार ने उद्योग को 'इंडस्ट्री जैसा व्यवहार न करने' की आलोचना की।


सिन्हा ने यह भी बताया कि उन्होंने भले ही दीपिका के साथ काम नहीं किया है, लेकिन सुना है कि वह बेहद प्रोफेशनल और काम करने में आनंददायक अभिनेत्री हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब उन्होंने फिल्म मुल्क में दिवंगत ऋषि कपूर के साथ काम किया था, तब भी शूटिंग के दौरान समय और शर्तों को लेकर स्पष्टता थी। उनका मानना है कि हर कलाकार को अपनी निजी जिंदगी और पेशेवर ज़िम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने का अधिकार है।

यह बहस बॉलीवुड के पुराने रिवाजों को चुनौती दे रही है। रणवीर सिंह की 'धुरंधर' टीम ने 16 घंटे शिफ्ट्स किए बिना शिकायत, लेकिन दीपिका का मामला मातृत्व और संतुलन का प्रतीक बन गया। अनुभव का बयान निर्देशकों के एक वर्ग की सोच दिखाता है। क्या यह बदलाव लाएगा? दीपिका जैसी स्टार्स आगे आ रही हैं, तो शायद हां। अभिनेत्रियों के अधिकारों की लड़ाई अब तेज हो रही है।

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