कहानी की शुरुआत एक सकारात्मक नोट से होती है, जहां अनुपमा और उसका साथी बंकू मिलकर सावी के कैफे को नया रूप देते हैं। अनुपमा अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल करते हुए पुराने सामान से कैफे को इतना खूबसूरत बना देती है कि दिग्विजय भी दंग रह जाता है। कैफे के खुलते ही ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है। अनुपमा न केवल बेहतरीन खाना परोस रही है, बल्कि अपनी मेहमाननवाजी से लोगों का दिल भी जीत रही है। पहले कस्टमर के रूप में आए एक जोड़े ने तो सावी के लिए 'क्राउन' तक मांग लिया, जिसने अनुपमा को काफी भावुक कर दिया।
