Anupama Spoiler: अनुज के कैफे से मां-बेटी के रिश्तों में आई कड़वाहट, क्या राही की जिद के आगे झुक जाएगी अनुपमा?

Anupama Spoiler: धारावाहिक 'अनुपमा' में 'अनुज कैफे' के खुलने से अनुपमा और उसकी बेटी राही के बीच नफरत और तनाव की एक नई जंग छिड़ गई है।

अपडेटेड May 16, 2026 पर 5:08 PM
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छोटे पर्दे का मशहूर धारावाहिक 'अनुपमा' इन दिनों बेहद संवेदनशील और हाई-वोल्टेज ड्रामे से गुजर रहा है। शो में आने वाले हर नए मोड़ ने दर्शकों को टेलीविजन स्क्रीन से बांधकर रखा है। हालिया घटनाक्रम में कहानी एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है, जहां अतीत की यादें और वर्तमान के रिश्ते आपस में टकरा रहे हैं। इस बार विवाद की वजह बना है 'अनुज कैफे', जिसने अनुपमा और उसकी बेटी राही के बीच की दूरियों को और ज्यादा बढ़ा दिया है। मां-बेटी का यह रिश्ता अब एक नए इम्तिहान के दौर से गुजर रहा है।

राही की खुली बगावत और दिग्विजय की चेतावनी

एपिसोड की शुरुआत में अनुपमा हमेशा की तरह अपने सकारात्मक अंदाज में नजर आती हैं। वह सभी को जीवन में एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा (Healthy Competition) के महत्व को समझाने की कोशिश करती हैं। लेकिन दूसरी तरफ, घर का माहौल कुछ और ही बयां कर रहा है। दिग्विजय, राही को समझाने का प्रयास करते हैं और उसे एक गहरी सीख देते हैं। वह कहते हैं कि मां और धरती मां दोनों में बहुत सहनशीलता होती है, वे हर दर्द को हंसकर सह लेती हैं। लेकिन जब उनके सब्र का बांध टूटता है, तो सब कुछ तहस-नहस हो जाता है। वह राही को आगाह करते हैं कि उसे प्रार्थना करनी चाहिए कि कभी अनुपमा के उस रौद्र रूप का सामना न करना पड़े।


हालांकि, राही पर इस बात का कोई असर नहीं होता। वह अपनी जिद पर अड़ी हुई है और अपनी मां के खिलाफ खुलकर जंग का एलान कर देती है। राही साफ शब्दों में कह देती है कि अगर अनुपमा सच में घर और जिंदगी में शांति चाहती हैं, तो उन्हें इस बार यह कैफे बिल्कुल भी नहीं खोलना चाहिए।

अनुज और समर को याद कर टूटीं अनुपमा

इधर शाह परिवार के भीतर भी गुटबाजी शुरू हो गई है। परितोष और पाखी ने हमेशा की तरह अनुपमा का विरोध करते हुए श्रुति का साथ देना शुरू कर दिया है। वहीं, ख्याति को श्रुति की नीयत पर शक होता है। वह खुलकर आरोप लगाती है कि श्रुति जानबूझकर अनुपमा और राही के बीच नफरत के बीज बो रही है। ख्याति का मानना है कि श्रुति ने 'अनुज कैफे' की शुरुआत सिर्फ इसलिए की है ताकि अनुपमा जब भी अनुज का नाम देखे, उसका दिल दुखे और वह अतीत के साए से बाहर न निकल पाए।

जब अनुपमा की नजर 'अनुज कैफे' के बोर्ड पर पड़ती है, तो वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाती। अनुज की यादें उसे बुरी तरह झकझोर देती हैं। वह बेहद भावुक होकर मन ही मन अनुज से प्रार्थना करती है कि वे जहां भी हों, राही और प्रेम को अपना आशीर्वाद दें। इसके बाद, दुखों का पहाड़ झेल रही अनुपमा, दिग्विजय के सामने अपने दिल का दर्द बयां करते हुए टूट जाती है। वह रोते हुए कहती हैं कि ऐसा लगता है जैसे भगवान उसकी किस्मत में खुशियां लिखना ही भूल गए हैं। इसी बीच अपने दिवंगत बेटे समर को याद कर के भी अनुपमा के आंसू थमने का नाम नहीं लेते।

शाह परिवार के बच्चों का मिला साथ

इस मुश्किल घड़ी में जहां कुछ लोग अनुपमा के खिलाफ हैं, वहीं शाह परिवार की नई पीढ़ी खुलकर अपनी दादी-मां के समर्थन में आ गई है। अंश, माही, परी और ईशानी ने तय किया है कि वे हर परिस्थिति में अनुपमा के साथ खड़े रहेंगे। बच्चों का यह साथ अनुपमा को अंदर से मजबूती देता है। अनुपमा भी एक बड़ी बात कहती हैं कि व्यापार भले ही नफरत के दम पर चलाया जा सकता हो, लेकिन रिश्ते हमेशा प्यार और आपसी समझ से ही चलते हैं।

एपिसोड के आखिरी हिस्से में भावुक कर देने वाला पल तब आता है, जब कैफे की पहली कमाई सामने आती है। दिग्विजय वह पैसे आदर के साथ अनुपमा के हाथों में सौंपते हैं और कहते हैं कि घर की पहली तनख्वाह पर हमेशा घर की लक्ष्मी यानी महिला का ही हक होना चाहिए। अपनी मेहनत की पहली कमाई को हाथ में लेकर अनुपमा की आंखें भर आती हैं, जो यह दर्शाती हैं कि मुश्किलों के बाद भी वह हार मानने वालों में से नहीं है। अब देखना यह होगा कि क्या यह कैफे अनुपमा की जिंदगी में नई खुशियां लाएगा या राही की नफरत इस रिश्ते को हमेशा के लिए खत्म कर देगी।

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