लोकप्रिय टीवी सीरियल 'अनुपमा' की कहानी इन दिनों काफी भावुक और संघर्षपूर्ण मोड़ से गुजर रही है। जहां एक तरफ शाह और कपाड़िया परिवार अपनी आपसी कलह और बिज़नेस के नुकसान से जूझ रहे हैं, वहीं अनुपमा एक बार फिर अपनी मेहनत और अटूट विश्वास के दम पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही है। आज के एपिसोड में अनुपमा के 'सावी कैफे' के लिए एक नई उम्मीद की किरण जगी है।
फूड ब्लॉगर कुणाल को इम्प्रेस करने की चुनौती
कैफे के गिरते बिज़नेस को संभालने के लिए अनुपमा को एक बड़े अवसर की तलाश थी। उसे पता चलता है कि मशहूर फूड ब्लॉगर कुणाल शहर में आया हुआ है। कुणाल ने रेडियो पर यह घोषणा की है कि जो कोई भी उसका पसंदीदा पकवान बनाएगा, वह उसे चखने के बाद उसका रिव्यू करेगा। अनुपमा जानती है कि अगर कुणाल जैसा प्रभावशाली व्यक्ति उसके कैफे का अच्छा रिव्यू दे दे, तो 'सावी कैफे' की किस्मत रातों-रात चमक सकती है।
बिना किसी देरी के अनुपमा कुणाल का पसंदीदा व्यंजन तैयार करती है और उसके रिसॉर्ट पहुंच जाती है। लेकिन राह इतनी आसान नहीं थी; सुरक्षा गार्ड ने बिना अपॉइंटमेंट के उसे अंदर जाने से मना कर दिया। यहां अनुपमा की सूझबूझ काम आई। उसने हार मानने के बजाय पकवान की खुशबू को इस तरह फैलाया कि वह सीधे कुणाल तक पहुँच गई। खाने की उस जादुई महक ने कुणाल को मजबूर कर दिया कि वह अनुपमा से मिले।
जब कुणाल ने डिश को चखा, तो वह भावुक हो गया। उसने बताया कि इस स्वाद ने उसे अपनी माँ के हाथ के खाने की याद दिला दी है। अनुपमा की इस ममता भरी मेहनत ने कुणाल का दिल जीत लिया और उसने कैफे आकर रिव्यू देने का वादा कर लिया।
दिग्विजय जैसे लोगों को अब भी भरोसा नहीं है कि कुणाल वास्तव में कैफे आएगा, लेकिन अंत में कुणाल की एंट्री सभी को चौंका देती है। अब देखना यह होगा कि क्या कुणाल का यह रिव्यू अनुपमा के डूबते बिज़नेस को सहारा दे पाएगा या फिर शाह परिवार की परेशानियाँ अनुपमा की सफलता में रोड़ा बनेंगी।