AR Rahman: ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने हाल ही में स्वीकार किया कि अपने पिछले कामों को लेकर लगातार बनी रहने वाली यादों ने उन्हें अपनी क्रिएटविटी पर संदेह करने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने बताया कि दो ऑस्कर जीतना एक बोझ जैसा लगता है, लेकिन इसने उन्हें बार-बार खुद को साबित करने की निरंतर इच्छा को और मजबूत किया है।
हाल ही में, रहमान ने द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में स्वीकार किया कि कई लोगों ने उन्हें यह विश्वास दिलाने के लिए गुमराह किया कि वह अब अच्छा काम नहीं कर रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने पिछले छह सालों में 20 से 30 फिल्में कीं।
रहमान ने कहा कि सच कहूं तो, पिछले छह सालों से जब लोग आपके पास आते हैं, तो 90 के दशक की पीढ़ी को आपके संगीत से एक खास तरह की पुरानी यादें और लगाव महसूस होता है। यही बात 2000 के दशक में आए लोगों पर भी लागू होती है, और उसके बाद के दशक के लोगों पर भी। वे आकर आपको गुमराह करने की कोशिश करते हैं। वे कहते हैं, '90 के दशक में आपने 'रोजा' (1992) बनाई थी। वह बहुत बढ़िया संगीत था, सर!' इससे ऐसा लगता है जैसे अब आप अच्छा संगीत नहीं बना रहे हैं, है ना? अगर आपका मूड अच्छा नहीं है, तो यह बात आपकी सोच को भी नुकसान पहुंचाती है," ।
रहमान ने बताया कि उन्होंने जानबूझकर लगातार काम करने का फैसला किया, एक के बाद एक फिल्में कीं और बैक-टू-बैक गाने कंपोज किए। उन्होंने बताया कि निर्देशक अब अक्सर उनके हालिया काम, खासकर मणिरत्नम की फिल्म 'ठग लाइफ' के संगीत को एक मिसाल मानते हैं, और ज्यादातर उदाहरण पिछले छह सालों के काम से आते हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने करीब 20 से 30 फिल्मों के लिए संगीत दिया है। रहमान ने कहा कि यह कदम सोच-समझकर उठाया गया था और अब वे कहते हैं, "मैं अब सुरक्षित हूं। मैंने अगली पीढ़ी के लिए काफी कुछ कर दिया है।"
बातचीत के दौरान रहमान ने बताया कि उनके लिए पिछली उपलब्धियों से ज़्यादा व्यक्तिगत प्रेरणा मायने रखती है। उन्होंने कहा, “मुझे ये सब पसंद है, लेकिन मुझे अपने अंदर आत्मसम्मान और आत्मविश्वास वापस लाना है और खुद को साबित करना है। मैं आगे जो करने वाला हूं, वो सबसे बेहतरीन होगा। अतीत पर निर्भर नहीं रहना है और ये नहीं सोचना है कि ‘मैंने 2 ऑस्कर जीते हैं।’ ये सोच आपको थका देती है। आप कुछ भी करने के लिए प्रेरित नहीं होते, ये बोझ बन सकता है। मेरे ट्विटर या इंस्टाग्राम बायो में ये नहीं लिखा है, न ऑस्कर, न ग्रैमी, कुछ भी नहीं। ये एक नई शुरुआत है, 2026।”
इस संगीतकार ने विजय सेतुपति की आगामी फिल्म 'गांधी टॉक्स' का संगीत तैयार किया है। किशोर पांडुरंग बेलेकर द्वारा निर्देशित और ज़ी स्टूडियोज़, क्योरियस और मूवीमिल द्वारा निर्मित इस मूक ड्रामा में अरविंद स्वामी, अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ जाधव भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म 30 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
उन्होंने नितेश तिवारी की 'रामायण' पर भी काम किया है। इस फिल्म के लिए उन्होंने ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार हंस ज़िमर के साथ सहयोग किया है। फिल्म में रणबीर कपूर, साई पल्लवी, सनी देओल और यश मुख्य भूमिकाओं में हैं और यह दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।