Asha Bhosle Death: सुरों की मल्लिका का खामोश सफर... पहले पति का जुल्म, गर्भवती होने पर निकाला घर से बाहर और अब दुनिया को कह दिया अलविदा

Asha Bhosle Death: दिग्गज गायिका आशा भोसले ने अपने पहले पति गणपतराव भोसले के साथ बिताए कठिन समय को याद करते हुए बताया था कि गर्भवती होने के बावजूद उन्हें घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था। 92 साल की उम्र में उनका मुंबई के अस्पताल में निधन हो गया, जिससे भारतीय संगीत के एक युग का दुखद अंत हो गया।

अपडेटेड Apr 12, 2026 पर 3:09 PM
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गायिका आशा भोसले के जीवन के संघर्ष

भारतीय संगीत जगत की वो आवाज, जिसने सात दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज किया, आज हमेशा के लिए शांत हो गई है। आशा भोसले, जिन्हें हम उनकी चुलबुली गायकी और वर्सटाइल आवाज के लिए जानते हैं, उनका जीवन केवल चमक-धमक भरा नहीं था। परदे के पीछे उन्होंने जो दर्द झेला, वो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।

16 की उम्र में बगावत और फिर वो 'अंधेरा' दौर

आशा जी के जीवन का सबसे कठिन अध्याय उनकी पहली शादी थी। महज 16 साल की उम्र में उन्होंने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर 31 वर्षीय गणपतराव भोसले से शादी की थी। यह एक प्रेम विवाह था, लेकिन इसके लिए उन्हें अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर और परिवार से दूर होना पड़ा। आशा जी ने एक पुराने इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उनका ससुराल बेहद रूढ़िवादी था और वे एक 'सिंगिंग स्टार' को अपनी बहू के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहे थे। धीरे-धीरे यह रिश्ता इतना कड़वा हो गया कि उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।


गर्भावस्था में घर से निकाली गईं आशा

जुल्म की इंतहा तब हुई जब आशा जी अपने तीसरे बच्चे (बेटे आनंद) के साथ गर्भवती थीं। उस नाज़ुक मोड़ पर उन्हें घर छोड़ने के लिए कह दिया गया। दो छोटे बच्चों का हाथ थामे और कोख में तीसरी जान लिए, आशा जी वापस अपनी मां और भाई-बहनों के पास लौट आईं। उन्होंने इस बुरे दौर को बिना किसी के प्रति नफरत रखे जिया। उन्होंने हमेशा कहा कि अगर वे भोसले जी से न मिलतीं, तो उन्हें उनके तीन अनमोल बच्चे नहीं मिलते।

आरडी बर्मन का साथ और संगीत का जुनून

बाद में, संगीतकार आरडी बर्मन (पंचम दा) उनकी जिंदगी में रोशनी बनकर आए। 1980 में दोनों ने शादी की। हालांकि कुछ समय बाद वे अलग रहने लगे थे, लेकिन उनके बीच का सम्मान और संगीत का नाता कभी नहीं टूटा। 90 साल की उम्र में भी आशा जी का जोश ऐसा था कि उन्होंने दुबई में लाइव कॉन्सर्ट कर सबको हैरान कर दिया था। उनके लिए संगीत ही उनकी 'सांस' थी।

एक युग का अंत

हाल ही में आशा जी को थकान और चेस्ट इन्फेक्शन की वजह से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पोती जानाई भोसले ने उनके स्वास्थ्य के लिए दुआ करने की अपील की थी। लेकिन अफसोस, तमाम कोशिशों के बाद भी संगीत की यह मशाल बुझ गई। 92 वर्ष की उम्र में आशा भोसले का निधन हो गया है।

उनके जाने से भारतीय संगीत का एक स्वर्ण युग समाप्त हो गया है। वे अपने पीछे हजारों अमर गीत और संघर्ष की एक ऐसी दास्तां छोड़ गई हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को सिखाएगी कि मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी हों, अपनी 'सुर' कभी नहीं खोनी चाहिए।

"सांस नहीं होती तो आदमी मर जाता है, मेरे लिए संगीत मेरी सांस है।" — आशा भोसले

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