Asha Bhosle Death: जब दुनिया लता-आशा में ढूंढती थी दुश्मनी, तब दोनों बहनें साथ बैठकर लगाती थीं ठहाके!

Asha Bhosle Death: दिग्गज गायिका आशा भोंसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है, जिससे भारतीय संगीत के एक महान युग का अंत हो गया। उन्होंने अपने करियर में अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ एक गहरा रिश्ता साझा किया और उन अफवाहों को हमेशा गलत साबित किया जो उनके बीच प्रतिद्वंद्विता का दावा करती थीं।

अपडेटेड Apr 12, 2026 पर 6:24 PM
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भारतीय संगीत जगत का एक सुनहरा अध्याय आज हमेशा के लिए समाप्त हो गया। अपनी वर्सटाइल गायकी से सात दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली आशा भोंसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। लेकिन उनके जाने के साथ ही उन अनगिनत यादों का पिटारा खुल गया है, जो हमें संगीत की दो महानतम बहनों लता मंगेशकर और आशा भोंसले के बीच के उस अटूट बंधन की याद दिलाता है, जिसे दुनिया अक्सर 'प्रतिद्वंद्विता' (Rivalry) का नाम देती रही।

दुनिया के लिए प्रतिद्वंद्वी

हिंदी सिनेमा के इतिहास में शायद ही कोई ऐसा दौर रहा हो जब इन दो बहनों के बीच के रिश्तों पर चर्चा न हुई हो। अक्सर यह कहा जाता था कि दोनों के बीच अनबन है, लेकिन एक पुराने इंटरव्यू में आशा ताई ने इन अफवाहों की धज्जियां उड़ाते हुए बेहद भावुक और दिलचस्प बात कही थी।

आशा जी ने साझा किया था कि कैसे फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोग अपनी 'वफादारी' साबित करने के चक्कर में अजीब हरकतें करते थे। उन्होंने बताया, "दीदी मेरी पसंदीदा गायिका थीं। कई बार ऐसा होता था कि हम दोनों किसी फंक्शन में साथ होते थे, तो इंडस्ट्री के कुछ लोग मुझे पूरी तरह नजरअंदाज कर देते थे। वे सिर्फ दीदी से बात करते थे, जैसे यह जता रहे हों कि वे उनके प्रति वफादार हैं। वे सोचते थे कि मुझसे बात करना दीदी को बुरा लग सकता है।"


लेकिन मजेदार बात यह थी कि जब वे दोनों बहनें घर लौटती थीं, तो एक साथ बैठकर उन लोगों की हरकतों पर जी भर कर हंसती थीं। आशा जी का कहना था कि खून का रिश्ता पानी से कहीं ज्यादा गाढ़ा होता है, और दुनिया चाहे जो भी कहे, उनके और लता दीदी के बीच कभी कोई खटास नहीं रही।

बहुमुखी प्रतिभा की धनी

जहां लता मंगेशकर की आवाज़ में एक पवित्रता और ठहराव था, वहीं आशा भोंसले ने खुद को 'वर्सटाइल क्वीन' के रूप में स्थापित किया। उन्होंने कैबरे नंबरों से लेकर भावुक गज़लों और हाई-एनर्जी पॉप गानों तक, हर शैली में अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने साबित किया कि वह सिर्फ अपनी बहन की छाया नहीं, बल्कि खुद में एक पूरा ब्रह्मांड हैं।

एक युग का अंत

संगीत की यह 'चुलबुली' और ऊर्जा से भरी आवाज 92 वर्ष की आयु में शांत हो गई। आशा भोंसले का निधन कार्डियक और सांस संबंधी जटिलताओं के कारण हुआ। उनके बेटे आनंद भोंसले ने जानकारी दी कि उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा जाएगा और कल शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

दिलचस्प बात यह है कि उनकी बड़ी बहन लता दीदी का निधन भी 92 वर्ष की आयु में ही हुआ था। आज भारतीय संगीत का वह 'मंगे‍शकर युग' पूर्ण रूप से इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। आशा जी भले ही शारीरिक रूप से चली गई हों, लेकिन उनकी आवाज़ 'दम मारो दम' से लेकर 'इन आँखों की मस्ती' तक, हमेशा हमारे कानों में गूंजती रहेगी।

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