Badshah पर भारी पड़ा नया गाना टटिरी, हरियाणा महिला आयोग ने रैपर को भेजा समन

Badshah: लोकप्रिय रैपर बादशाह अपने नए हरियाणवी गाने ‘Tateeree’ को लेकर विवादों में फंस गए हैं। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने गाने के बोलों को अश्लील और आपत्तिजनक मानते हुए उन्हें समन जारी किया है।

अपडेटेड Mar 06, 2026 पर 7:39 PM
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रैपर बादशाह एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। उनके नए हरियाणवी सॉन्ग 'टटिरी' के कथित अश्लील और आपत्तिजनक बोलों को लेकर हरियाणा राज्य महिला आयोग ने समन जारी कर दिया है। आयोग ने खुद संज्ञान लेते हुए 13 मार्च को पानीपत में सुनवाई तय की है। युवाओं पर गाने के बुरे असर की आशंका जताई गई है।

1 मार्च 2026 को रिलीज हुए इस ट्रैक में बादशाह ने खुद बोल लिखे, जबकि हितेन ने संगीत दिया। सिमरन जगलान के साथ मिलकर बनाया गया ये हिप-हॉप नंबर यूट्यूब, इंस्टाग्राम और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर छा गया। लेकिन पानीपत की नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्ष सविता आर्या और शिव आरती इंडिया फाउंडेशन के डायरेक्टर शिव कुमार ने शिकायत दर्ज की। उन्होंने आरोप लगाया कि गाने में महिलाओं और नाबालिगों को सेक्शुअलाइज किया गया, डबल मीनिंग शब्दों से संस्कृति का अपमान हुआ। कोकीन जैसे ड्रग रेफरेंस भी विवाद का कारण बने।

आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने सवाल उठाया कि सेंसर बोर्ड ने इसे कैसे पास होने दिया। तीन साल पूर्व सेंसर बोर्ड में रह चुकीं रेनू ने कहा, "ऐसे बोल युवाओं को गुमराह कर सकते हैं।" समन में पानीपत एसपी को सभी पक्षों को सुनवाई में हाजिर करने का निर्देश दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने यूट्यूब, स्पॉटिफाई जैसे प्लेटफॉर्म्स से गाना हटाने और NDPS एक्ट व भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की मांग की। बादशाह का जवाब अभी नहीं आया।


ये विवाद म्यूजिक इंडस्ट्री में सेंसरशिप बहस छेड़ रहा है। बादशाह पहले भी बोलों पर ट्रोल हो चुके हैं, लेकिन फैन बेस मजबूत है। हरियाणा खाप पंचायतें भी वीडियो के रोडवेज बस और स्कूल यूनिफॉर्म वाले विजुअल्स पर भड़क रही हैं।

बादशाह, जिनका असली नाम आदित्य प्रतिक सिंह सिसोदिया है, भारतीय संगीत जगत के सबसे लोकप्रिय रैपर और गायक हैं। वे अक्सर अपने गानों में बोल्ड और कैची लिरिक्स के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, इस बार मामला कानूनी और सामाजिक विवाद में बदल गया है। अभी तक बादशाह की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यह विवाद केवल एक गाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बहस भी छेड़ता है कि मनोरंजन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा कहां तक है। एक ओर कलाकार अपनी रचनात्मकता दिखाना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर समाज और संस्थाएं सांस्कृतिक मूल्यों और युवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित रहती हैं। बड़े कलाकारों से उम्मीद की जाती है कि वे अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल सकारात्मक संदेश देने में करें।

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