British Academy of Film and Television Arts द्वारा आयोजित 79वें बाफ्टा पुरस्कार 2026 का भव्य समारोह लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में संपन्न हुआ। भारत में इसका प्रसारण रविवार देर रात किया गया, जिसे दर्शकों ने बड़े उत्साह के साथ देखा। यह अवसर भारतीय सिनेमा के लिए विशेष महत्व लेकर आया, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की सशक्त उपस्थिति दर्ज हुई। आलिया भट्ट होस्ट के रूप में मंच पर दिखाई दीं, जिससे भारतीय कला जगत की गरिमा और बढ़ी। वहीं फरहान अख्तर की फिल्म ‘बूंग’ चर्चा के केंद्र में रही। यह शाम केवल पुरस्कार वितरण नहीं, बल्कि भारतीय कहानियों के वैश्विक सम्मान का प्रतीक बन गई।
‘बूंग’ की दमदार जीत ने मचाई हलचल
फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी फिल्म ‘बूंग’ ने ‘चिल्ड्रेन एंड फैमिली फिल्म’ कैटेगरी में बेस्ट फिल्म का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इंटरनेशनल फिल्मों की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच ‘बूंग’ ने बाजी मार ली और साबित कर दिया कि संवेदनशील कहानियां सीमाओं से परे असर छोड़ती हैं। इस यादगार पल में फरहान अपनी पत्नी शिबानी दांडेकर के साथ मौजूद थे।
क्या कहती है ‘बूंग’ की मार्मिक कहानी?
फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है। ‘बूंग’ यानी ‘छोटा लड़का’—यह कहानी मणिपुर की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां सामाजिक और राजनीतिक तनाव के बीच एक मासूम बच्चे का संघर्ष दिखाया गया है। मुख्य भूमिका में गुगुन किपगेन नजर आए हैं, जो अपने बिछड़े पिता को खोजने की भावनात्मक यात्रा पर निकलता है। उसकी मासूम चाहत है—परिवार फिर से एक हो जाए।
इंटरनेशनल मंचों पर भी गूंजी गूंज
फिल्म 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई, लेकिन इससे पहले इसे टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2024 और वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म इवेंट जैसे प्रतिष्ठित फेस्टिवल्स में प्रदर्शित किया जा चुका था। वहां भी फिल्म को खूब सराहना मिली।
हॉलीवुड फिल्मों के बीच भारतीय चमक
इस वर्ष BAFTA 2026 में हॉलीवुड की चर्चित फिल्मों का भी दबदबा रहा, लेकिन बच्चों और परिवार की श्रेणी में ‘बूंग’ की जीत ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर खास पहचान दिलाई। यह जीत केवल एक अवॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय कहानियों की वैश्विक स्वीकृति का प्रतीक बन गई।