टीवी की दुनिया से निकलकर ओटीटी पर अपनी पहचान बनाने वाले बरुण सोबती एक बार फिर नेटफ्लिक्स की क्राइम थ्रिलर 'कोहरा सीजन 2' में लौट रहे हैं। 'इश्कबाज' और 'असुर' जैसे हिट प्रोजेक्ट्स से मशहूर बरुन अब असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर अमरपाल जसजीत सिंह उर्फ गरुंडी के रोल में नजर आएंगे। उन्होंने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में खुलासा किया कि टीवी उनकी ट्रेनिंग का जबरदस्त मैदान रहा, लेकिन ओटीटी की स्क्रिप्ट्स ही उन्हें असल में उत्साहित करती हैं।
सीरीज का पहला सीजन पंजाब के जगरणा में सेट क्राइम ड्रामा था, जिसने अपनी रॉ स्टोरीटेलिंग से तहलका मचा दिया। सीजन 2 में गरुंडी को डलरपुरा पुलिस स्टेशन ट्रांसफर कर दिया जाता है। यहां वे मोना सिंह द्वारा निभाए गए सीनियर ऑफिसर धनवंत कौर के अंडर काम करते हैं। कहानी एक महिला की बेरहम हत्या के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका शव उसके भाई के घर में बिखरा मिलता है। जांच के दौरान परिवार के काले राज खुलते हैं, साथ ही दोनों ऑफिसर्स अपने अतीत से जूझते हैं। ट्रेलर में रणविजय सिंहा और पूजा भामराह जैसे कलाकार भी दिखे।
11 फरवरी को रिलीज हो रही इस सीरीज को सुदिप शर्मा और फैसल रहमान ने डायरेक्ट किया है। सुदिप, जो 'पाताल लोक' के क्रिएटर हैं, ने कहा कि सीजन 2 इमोशनल कोर को बनाए रखते हुए और गहराई देगा। प्रोडक्शन में सौरभ मल्होत्रा, सुदिप शर्मा, मनुज मित्रा और टीना थरवानी हैं। बरुन ने बताया, "टीवी ने मुझे डिसिप्लिन सिखाया फास्ट पेस, डेली एपिसोड्स। लेकिन ओटीटी पर रोल्स लेयर्ड होते हैं, क्रिएटिव फ्रीडम मिलती है। कोहरा में गरुंडी का किरदार ग्रे है, जो मुझे चैलेंज करता है।"
बरुन का सफर दिलचस्प रहा। 'इश्कबाज' से स्टारडम हासिल किया, फिर ओटीटी पर 'असुर', 'हल्ला बोल' जैसी सीरीज से वाहवाही लूटी। कोहरा 2 पंजाब की डार्क साइड मेंटल हेल्थ, फैमिली ब्रेक्स, सोसाइटी के हिंसक पहलू दिखाएगी। फैंस ट्रेलर पर कमेंट्स बरसा रहे, "गरुंडी वापस आ गया!"। यह सीरीज फरवरी के ओटीटी लाइनअप में बड़ा धमाल मचाने को तैयार है।
कोहरा 2 में बरुण सोबती एक बार फिर इंटेंस और भावनात्मक किरदार निभाते नज़र आएंगे। पहले सीजन में उनकी परफॉर्मेंस को खूब सराहा गया था और अब दर्शक उनकी वापसी का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। सीरीज़ का ट्रेलर रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज़ हो गई है।
बरुण ने यह भी कहा कि टीवी और ओटीटी दोनों ही माध्यमों ने उन्हें अलग-अलग तरह से गढ़ा है। टीवी ने उन्हें अनुशासन और धैर्य सिखाया, जबकि ओटीटी ने उन्हें कहानियों की गहराई और अभिनय की बारीकियों को समझने का मौका दिया। उन्होंने माना कि आज के समय में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर काम करना किसी भी कलाकार के लिए बेहद रोमांचक है क्योंकि यहां दर्शक कंटेंट को गंभीरता से देखते हैं और कलाकारों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलता है।