Battle of Galwa: सलमान खान की फिल्म से क्यों तिलमिलाया ड्रैगन? रिलीज से पहले ही चीन में भारी नाराजगी

Battle of Galwa: सलमान खान की अगली फिल्म “बैटल ऑफ गलवान” का 1.12 मिनट का टीजर जारी होने के बाद चीनी मीडिया में काफी आलोचना हो रही है। इस विरोध पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंगलवार को सरकारी सूत्रों ने कहा कि सिनेमा कलात्मक अभिव्यक्ति का एक माध्यम है। भारत इसे बैन नहीं करता है। यह फिल्म 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प पर आधारित है

अपडेटेड Dec 31, 2025 पर 9:15 PM
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Battle of Galwa: 'बैटल ऑफ गलवान' फिल्म से चीनी मीडिया और वहां की आम जनता तिलमिलाया गई है

Battle of Galwa: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान स्टारर 'बैटल ऑफ गलवान' अगले साल रिलीज होने वाली हैलेकिन यह फिल्म रिलीज से पहले ही चर्चा का विषय बन गईगलवान चीनी मीडिया और वहां की आम जनता की आलोचनाओं का शिकार हो गई है। यह फिल्म 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प पर आधारित है।

अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सलमान ने बी. संतोष बाबू की भूमिका निभाई है। साल 2020 में भारतीय क्षेत्र की रक्षा करते हुए बाबू और 16 बिहार रेजिमेंट के 19 अन्य सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। बाबू को मरणोपरांत भारत के युद्धकाल के दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

चीन के मीडिया संस्थान 'द ग्लोबल टाइम्स' ने फिल्म को दुष्प्रचार करार दिया है। अखबार ने एक 'चीनी विशेषज्ञ' और कई वीबो (चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म) यूजर्स का हवाला देते हुए छोटे से टीजर के विभिन्न पहलुओं में खामियां निकालीं। 1.12 मिनट का टीजर जारी होने के बाद चीनी मीडिया में हो रही आलोचना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंगलवार को सरकारी सूत्रों ने कहा कि सिनेमा कलात्मक अभिव्यक्ति का एक माध्यम है। भारत इसे बैन नहीं करता है।

चीनी मीडिया को लगी मिर्ची

सरकारी चीनी अखबार ने दावा किया, "एक चीनी एक्सपर्ट ने कहा कि बॉलीवुड फिल्में अब ज्यादा मनोरंजन और भावनाओं पर आधारित होती हैं। लेकिन कोई भी सिनेमाई इतिहास को नहीं बदल सकतीं और न ही चीन के इलाके की रक्षा करने के लिए चीनी सेना के मजबूत इरादे को कमजोर कर सकती हैं।"


उसने कहा कि इस फिल्म को लेकर ऑनलाइन और भी विवाद हुए हैं। वहां के यूजर्स ने दूसरे कलाकारों के पहनावे पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि टीजर में दिखाए गए घटनाक्रम तथ्यों से मेल नहीं खाते।

क्यों तिलमिलाया हुआ है चीन?

'बैटल ऑफ गलवान' के निर्माता सलमान खान और उनकी मां सलमा खान हैं। यह फिल्म 17 अप्रैल को रिलीज होगी। पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध मई 2020 में शुरू हुआ था। उसी साल जून में गलवान घाटी में हुई झड़पों से भारत और चीन के रिश्तों में काफी तनाव आ गया। 15 जून 2020 को गलवान घाटी में हुई झड़पों में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे।

फरवरी 2021 में चीन ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया था कि झड़पों में उसके पांच सैन्य अधिकारी और सैनिक मारे गए थे। हालांकि, आम तौर पर यह माना जाता है कि पांच से कहीं ज्यादा चीनी सैनिकों की मौत हुई थी। अखबार एक चीनी एक्सपर्ट के हवाले से लिखता है कि जब चीन और भारत के रिश्तों में सुधार हो रहा है तो इस फिल्म का रिलीज होना गलत है। यह फिल्म सिर्फ भारतीय नजरिए को पेश कर चीन विरोधी भावना बढ़ा सकती है।

टीजर में क्या है?

टीजर की शुरुआत सलमान खान की आवाज से होती है। इसमें वह अपने सैनिकों को संबोधित करते हुए बोल रहे हैं। वह दुश्मन का सामना करने के लिए सैनिकों में जोश भर रहे हैं। इसके बाद विज़ुअल्स में उनका किरदार अपने सैनिकों के साथ विरोधी पक्ष की ओर आगे बढ़ते हुए दिखाया गया है। बाद के शॉट्स में उन्हें एक डंडा पकड़े हुए देखा जाता है। उस वक्त दुश्मन उन पर हमला करता है। टीजर का अंत सलमान के किरदार द्वारा एक व्यक्ति को डंडे से मारते हुए होता है।

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कुछ सीन को लेकर हो रही चर्चा

टीजर के रिलीज होने के तुरंत बाद भारत में भी ऑनलाइन तुलना शुरू हो गई। इसमें कई नेटिजन्स ने एक सीन 'गेम ऑफ थ्रोन्स' के एक सीन से तुलना की। यूजर्स ने सवाल किया कि क्या फिल्म ने सीक्वेंस का राइट लिया है या कॉपी किया है? चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सलमान खान की ड्रेस और उनकी हेयर स्टाइल को लेकर भी आलोचना की गई है। 

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