बॉलीवुड के शोमैन राज कपूर की फिल्मों का जादू आज भी बरकरार है। उनकी मास्टरपीस 'सत्यम शिवम सुंदरम' (1978) ने सच्चे सौंदर्य की परिभाषा बदल दी। दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म की हीरोइन रूपा के किरदार के लिए राज कपूर ने लता मंगेशकर को सोचा था। लेकिन उनकी आवाज की मिठास के बावजूद, राज साहब ने लता जी के चेहरे को 'कुरूप' बताते हुए यह फैसला पलट दिया। यह थ्रोबैक किस्सा आज भी सिनेमा प्रेमियों को चौंकाता है।
