Cinema Ka Flashback: इश्क-विश्क के चॉकलेटी लड़के से लेकर कबीर सिंह के अल्फा मैन तक शाहिद कपूर का 23 साल लंबा फिल्मी सफर रोलर-कोस्टर राइड की तरह रहा है। उन्होंने ना सिर्फ रोमांटिक हीरो के तौर पर लोगों का दिल जीता है, बल्कि समय-समय पर खुद को तोड़कर, बदलकर और नया रूप लेकर खूदको साबित भी किया है।
शाहिद कपूर कई सालों से वेजिटेरियन बने हुए हैं। बाद में उन्होंने वीगन लाइफस्टाइल को फोलो किया। उनके पिता पंकज कपूर ने उन्हें मीट ना खाने की सलाह दी थी। खबर है कि किताब 'लाइफ इज फेयर' पढ़ने के बाद उनमें बहुत खास बदलाव आए। किताब की फिलॉसफी ने उन पर गहरा असर डाला है। काफी कम लोगों को पता है कि शाहिद कपूर के पासपोर्ट पर उनका खट्टर सरनेम हैं। यह नाम राजेश खट्टर से लिया गया है, जो उनकी मां नीलिमा अजीम के एक्स पति और एक्टर ईशान खट्टर के पिता थे।
शाहिद कपूर के करियर का ग्राफ काफी ऊपर-नीचे रहा है, उन्होंने अपनी शुरुआत एक बैकग्राउंड डांसर के तौर पर की थी। शाहिद को डांस का शौक बचपन से था, जिसके बाद 15 साल की उम्र में उन्होंने श्यामक डावर के डांस इंस्टीट्यूट में दाखिला ले लिया था। एक्टर ने दिल तो पागल है और ताल जैसी फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर बनकर काम भी किया है। बाद में वह कुछ ऐड और म्यूजिक वीडियो में दिखे।
शाहिद के फिल्मी करियर की बात करें, तो उन्होंने साल 2003 में ‘इश्क विश्क’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इससे पहले एक्टर ने 100 बार रिजिक्शन का सामना किया था। लोगों उनसे कहते थे कि वह एक्टर बनने के काबिल नहीं हैं। उनकी बॉय-नेक्स्ट-डोर इमेज, क्यूट स्माइल और डांसिंग स्किल्स ने लड़कियों का उन्हें पसंदीदा बना दिया। फिर साल 2006 उनकी फिल्म ’36 चाइना टाउन’ आई, जो कि एक मल्टीस्टारर थ्रिलर-कॉमेडी थी। ये फिल्म में शाहिद की पहली हिट थी।
इसके बाद इसी साल फिल्म चुपके-चपके में उनकी कॉमेडी और मासूमियत ने फिर से लोगों का दिल जीत लिया। 2006 के बाद एक्टर के लिए 2009 काफी अहम साल रहा। इस साल फिल्म कमीने में बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आए शाहिद ने अपनी रोमांटिक और चॉकलेटी बॉय की इमेज को तोड़ा।
फिर 2010 में पाठशाला और बदमाश कंपनी...2016 में उड़ता पंजाब...2018 में आई पद्मावत ने शाहिद कपूर को बॉलीवुड में टैलेंडटेड हीरो की लिस्ट में लाकर खड़ा कर दिया। शाहिद ने आखिरकार अपनी मेहनत और लगन से सबको साबितत कर दिया की वह तरह के रोल के लिए परफेक्ट हैं। साल 2019 में रिलीज हुई कबीर सिंह ने शाहिद की किस्मत को पूरी तरह से पलट दिया। इस फिल्म में उनका अल्फा मैन का कैरेक्टर का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला। अब वह लगातार एक से बढ़कर एक फिल्में दे रहे हैं। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर उनके लिए चुनौतियां अभी भी कम नहीं हुई हैं।