Cinema Ka Flashback: 70 के दौर में और आज के सिनेमा में जमीन आसमान का अंतर आ चुका है। आज के समय में बॉलीवुड में बिंदास, बोल्डनेस की कोई हद नहीं है। लेकिन पहले ऐसा नहीं था। पहले फिल्मों में वेस्टर्न कल्चर बेहद कम शो किया जाता था। हालांकि तब के जमाने में कहानियां सिंपल हुआ करती थीं। कहानियां के साथ किरदारों के रंग-रूप पर भी बहुत काम करना पड़ता था। हालांकि शर्म और हया का गहना सजाए हीरोइनों में को एक तय सीमा के अंदर ही बोल्ड दिखाया जा सकता था। लेकिन फिर शर्मिला टैगोर ने लिमिट को एक नया मोड़ दिया।
