Cinema Ka Flashback: 90 के दशक में बॉलीवुड में ऐसे कई सितारे रहे हैं, जिन्होंने पर्दे पर अनोखे किरदार निभाने रिस्क लिया और दर्शकों का दिल भी जीता। कुछ कैरेक्टर तो ऐसे रहे, जिन्होंने ग्लोबल लेवल पर तारीफें बटोरी। एक ऐसा ही अभिनेता था, जिसकी आंखों में एक्टिंग का जोश साफ दिखता था, आवाज में भारीपन,जिसने पर्दे पर विलन बनकर सबको कंपा दिया था। लेकिन जब उसी एक्टर ने साड़ी पहनकर तेवर और अदाएं दिखाईं, तो सात समंदर पार बैठे लोग भी उसके कायल हो गए।
90 के दशक में विदेशी लोगों की कला के प्रति दीवानगी देखने लायक थी। यही कारण था कि इस एक्टर की इस कलाबाजी में उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस दिखाई दे गई थी। ये एक्टर कोई और नहीं बल्की निर्मल पांडे थे। पांडे हिंदी सिनेमा में कई यादगार फिल्मों में काम किया है। जब तक दिए अपने किरदारों में जान डालते रहे। इन्हीं में से उनका एक पॉपुलर किरदार फिल्म 'दायरा' का था। साल 1996 में फिल्म 'दायरा' (Daayra) रिलीज हुई थी। इस फिल्म में एक्टर निर्मल पांडे अहम किरदार में नजर आए थे।
कहने को तो फिल्म में कई किरदार मौजूद थे, लेकिन फिल्म में निर्मल पांडे ने एक ट्रांसवेस्टाइट की भूमिका निभाकर तहलका मचा दिया था। ये किरदार खुद को महिला मानता है और साड़ी पहनकर सज सवर कर रहता है। फिल्म में निर्मल एक ऐसे पुरुष किरदार में है, जो खुद को महिला मानकर साड़ी पहनकर रहता है। दायरा का उनका ये किरदार इतना फेमस हुआ कि 1997 में फ्रांस के 'वेलेंशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल' में उन्हें 'बेस्ट एक्ट्रेस' का खिताब दिया गया था।
जूरी निर्मल पांडे के इस किरदार से इतनी प्रभावित हुई थी कि उन्होंने सीधा बेस्ट एक्ट्रेस के अवॉर्ड से सम्मानित कर दिया था। इसके बाद वह दुनिया के ऐसे इकलौते मेल एक्टर बन गए, जिन्हे 'बेस्ट एक्ट्रेस' का सम्मान मिला। आज तक उनका ये रिकॉर्ड किसी ने नहीं तोड़ा है।
बात फिल्म दायरा की करें तो इसे अमोल पालेकर (Amol Palekar) ने निर्देशित किया था। फिल्म में निर्मल के अलावा सोनाली कुलकर्णी भी थीं। वहीं फिल्म में नीना कुलकर्णी की भी अहम भूमिका था। बता दें कि ये फिल्म भारत के पिछड़े इलाकों में लिंग, कामुकता, रेप और महिलाओं के शोषण जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाती है, और दुनिया के सामने लाती है। फिल्म में निर्मल पांडे के किरदार को सबसे ज्यादा सराहा गया था।
निर्मल पांडे (Nirmal Pandey) ने शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन से डेब्यू किया था। साल 1994 में फिल्म रिलीज की गई थी। फिल्म में निर्मल ने 'विक्रम मल्लाह' नाम का किरदार प्ले किया था। अपनी पहली ही फिल्म से निर्मल ने दर्शकों के दिल में जगह बना ली थी। उनके लंबे बाल और डरावना लुक हर किसी के जहन में उतर गया था।
निर्मल पांडे (Nirmal Pandey) ने अपने करियर की शुरूआत शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन से थी। साल 1994 में ये फिल्म रिलीज हुई थी और ये निर्मल की डेब्यू फिल्म थी। इस फिल्म में निर्मल ने 'विक्रम मल्लाह' का किरदार निभाया। अपनी पहली ही फिल्म से निर्मल ने छाप छोड़ दी थी। उनके लंबे बाल और डरावना लुक हर किसी को डराने में दिल जीतने में कामयाब रहा।
निर्मल पांडे 1962 में उत्तराखंड के नैनीताल में पैदा हुए थे। बचपन से ही वह एक्टर बनना चाहते थे। दिल्ली में आकर उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग सीखी और फिर मायानगरी पहुंच गए। साल 2010 में 18 फरवरी को 47 साल की उम्र में हार्ट अटैक के चलते एक्टर ने दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।